महाकाल भस्म आरती में अब एक मोबाइल नंबर से 3 माह में एक ही बार मिलेगी अनुमति; जानें क्या है नया नियम
Mahakal Temple News: उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्म आरती का नया नियम, एक मोबाइल नंबर से 3 महीने में सिर्फ 1 बार होगी बुकिंग, वीआईपी प्रोटोकॉल पर भी पाबंदी; धांधली रुकेगी।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
महाकाल भस्म आरती के नए नियम (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mahakal Bhasma Aarti New Rule: भगवान महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में अब ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की जगह ‘तीन माह में एक बार’ का नियम लागू हो गया है। मंदिर समिति ने दुरुपयोग और शिकायतों के चलते यह व्यवस्था प्रभावी कर दी है, जिसके तहत अब एक ही मोबाइल नंबर से श्रद्धालु 3 माह में केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति ले सकेंगे।
यह नियम प्रोटोकॉल के माध्यम से आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं पर भी समान रूप से लागू होगा। अभी तक प्रोटोकॉल के जरिए कुछ लोग हर माह आरती का लाभ ले रहे थे, जो अब संभव नहीं होगा।
क्या है नई व्यवस्था?
मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, यह प्रावधान पहले से अस्तित्व में था, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। अब सिस्टम में एक बार जिस मोबाइल नंबर का उपयोग भस्म आरती बुकिंग के लिए हो जाएगा, उस नंबर से अगली बुकिंग 90 दिन बाद ही की जा सकेगी।
सम्बंधित ख़बरें
उज्जैन पहुंची इंदौर हादसे वाली मादा हाथी ‘राजलक्ष्मी’, प्रबंधन बोला- हादसे की वजह लापरवाही थी, हाथी नहीं
नागदा में चेहल्लुम जुलूस से पहले चाकूबाजी, युवक की मौत, हत्या के आरोप में पड़ोसी गिरफ्तार
सीधी: CMHO के छापे में खुली चुरहट अस्पताल की पोल, डॉक्टर समेत कर्मचारी गायब; दवा संकट और गंदगी पर फूटा गुस्सा
दतिया में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, जीत के बाद निकला भव्य विजय जुलूस; उमंग सिंगार ने जनता से किया वादा
नियम कभी लागू हुआ, कभी हटा
करीब दो वर्ष पहले तक श्रद्धालु 15 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग कर सकते थे। उस समय मोबाइल नंबर को लेकर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं था। वर्ष 2024 में भस्म आरती की अनुमति को लेकर लगातार अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से 3 माह में एक बार ही अनुमति देने का निर्णय लिया था। यह व्यवस्था कुछ समय चली, फिर शिथिल कर दी गई।
पुराने नियम को ही लागू करने का लिया गया फैसला
अब दोबारा मिल रही शिकायतों के बाद समिति ने उसी नियम को पुनः कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया है। महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि बाबा महाकाल की भस्म आरती में सभी वास्तविक श्रद्धालुओं को समान अवसर मिले, इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
यह भी पढ़ें: पन्ना में खनिज माफिया का तांडव; गूंगे-बहरे आदिवासी और बुजुर्ग किसान के खेतों को बनाया खदान
अब एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग कर आरती का लाभ नहीं लिया जा सकेगा।मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आरती में आम श्रद्धालुओं की भागीदारी बढ़ेगी और बुकिंग में होने वाली धांधली पर अंकुश लगेगा।
