

Mahakal Temple Sawan: उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आगामी सावन मास को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सावन के दौरान देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए मंदिर प्रशासन विशेष इंतजाम कर रहा है।
मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि इस बार सावन में भस्म आरती का समय बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन का लाभ ले सकें। साथ ही सावन और भाद्रपद मास में भगवान महाकाल 'अवंतिका के राजा' के रूप में कुल छह भव्य सवारियां निकालेंगे।
वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा के अनुसार सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। इस दौरान पार्थिव शिवलिंग पूजन, बेलपत्र अर्पण और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है। मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक की गई शिव उपासना से कई अक्षौहिणी यज्ञों के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। पूरे महीने भगवान महाकाल का प्रतिदिन अलग-अलग दिव्य शृंगार किया जाएगा।
सावन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन दर्शन व्यवस्था में बदलाव करेगा। श्रद्धालुओं को सुगम और अधिक समय तक दर्शन कराने के उद्देश्य से भस्म आरती की अवधि बढ़ाई जाएगी। इससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों को दर्शन का अधिक अवसर मिलेगा।
सावन की सबसे बड़ी धार्मिक परंपरा भगवान महाकाल की शाही सवारी है। इस वर्ष सावन की चार और भाद्रपद मास की दो सवारियों सहित कुल छह सवारियां निकाली जाएंगी। नगर भ्रमण के दौरान भगवान महाकाल 'अवंतिका के राजा' के रूप में अपनी प्रजा का हाल जानने निकलेंगे। इन सवारियों में शिव तांडव, मनमहेश, उमा-महेश सहित विभिन्न पौराणिक स्वरूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
जो श्रद्धालु किसी कारणवश उज्जैन नहीं पहुंच पाएंगे, वे घर पर स्नान के बाद पवित्र स्थान पर बैठकर 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप कर सकते हैं। पुजारी के अनुसार मानस पूजा के माध्यम से भी भगवान शिव की आराधना करने पर ज्योतिर्लिंग दर्शन और यज्ञ-हवन के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।