'जिस घर में जन्मे, बड़े हुए, खेले-कूदे...,' कहते-कहते भावुक हुए CM मोहन, अपने ही घर पर क्यों चलाई गैंती?

Ujjain Road Widening : सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच CM मोहन यादव ने उज्जैन स्थित अपने पैतृक घर पर खुद गैंती चलाई। 730 मीटर सड़क के चौड़ीकरण के लिए मकान का हिस्सा हटाया जा रहा है।
CM Mohan Yadav using a pickaxe at his ancestral house
सीएम मोहन यादव ने अपने पैतृक घर पर चलाई गैंतीफोटो सोर्स- नवभारत
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CM Mohan Yadav Ancestral House : सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 सितंबर को अपने पैतृक घर पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना करने के बाद खुद गैंती चलाकर अपने पैतृक मकान का हिस्सा हटाने की प्रक्रिया की शुरुआत की।

इस दौरान मुख्यमंत्री अपने बचपन की यादों को याद करते हुए भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि जिस घर में जन्म लिया, जहां छोटे से बड़े हुए और खेले-कूदे, उसे तोड़ना पड़े तो मन पर असर होना स्वाभाविक है, लेकिन विकास के लिए यह बलिदान जरूरी है।

अपने घर पर खुद चलाई गैंती

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पैतृक घर के बाहर पूजा-अर्चना की और इसके बाद खुद गैंती चलाकर विकास कार्य की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के लिए जरूरी है तो सभी को मिलकर योगदान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में लोग अपने मकानों को पीछे कर रहे हैं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

‘आने वाले समय के लिए उदाहरण पेश करना चाहिए’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हमेशा आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत हितों से आगे बढ़कर नियम, कानून और सुशासन को प्राथमिकता देना जरूरी है।

लोगों ने पेश किया उदाहरण

डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के लोगों ने अपने मकानों को पीछे हटाकर एक उदाहरण पेश किया है। सिंहस्थ के दौरान शहर की करीब 8 लाख आबादी के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का दबाव रहता है। ऐसे में शहर के विकास और व्यवस्थाओं के लिए लोगों का योगदान जरूरी है।

धार्मिक स्थलों और निजी संपत्तियों पर भी पड़ा असर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों के दौरान विकास कार्यों में अलग-अलग समुदायों के लोगों ने सहयोग किया है। उन्होंने सरकार की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई लोगों ने अपने देवस्थानों और मकानों को भी पीछे किया है। उनके मुताबिक, इस तरह के कार्यों से सरकार और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है।

सड़क चौड़ीकरण की जद में आया पैतृक मकान

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी सड़क चौड़ीकरण की निर्धारित सीमा में मुख्यमंत्री का पैतृक मकान भी आ रहा है। सड़क और शहरी अधोसंरचना के विस्तार के लिए उनके परिवार की संपत्ति भी उसी प्रशासनिक प्रक्रिया के दायरे में है, जो अन्य प्रभावित भवनों पर लागू है।

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9.80 करोड़ रुपए से होगा विकास

मार्ग चौड़ीकरण और विकास कार्य के लिए राज्य शासन की ओर से करीब 9.80 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह मार्ग उज्जैन के महत्वपूर्ण और व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित करना है। मुख्यमंत्री द्वारा अपने पैतृक घर पर खुद गैंती चलाने को इसी व्यापक विकास प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।

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