उज्जैन: खेत तक रास्ता नहीं मिलने पर पानी की टंकी पर चढ़े दो किसान परिवार, बोले- न्याय मिलने तक नहीं उतरेंगे

Badnagar Road Dispute : उज्जैन के बड़नगर में खेत तक रास्ता नहीं मिलने से नाराज दो किसान परिवार पानी की टंकी पर चढ़ गए। किसानों ने प्रशासन से स्थायी समाधान मिलने तक नीचे नहीं उतरने की चेतावनी दी।
Badnagar Farmers Protest
टंकी पर चढ़े किसान (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Badnagar Farmers Protest : उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के ग्राम पिरझलार में खेत तक पहुंचने का रास्ता नहीं मिलने से नाराज दो किसान परिवारों ने शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोनों परिवार गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक खेत तक जाने का स्थायी रास्ता नहीं मिलेगा, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे।

जानकारी के अनुसार किसान राम सिंह पवार अपनी माता के साथ और किसान बलराम सिंह तोमर अपनी माता के साथ सुबह करीब 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास शुरू किया।

खेत तक जाने का रास्ता किया बंद

किसान राम सिंह पवार का आरोप है कि गांव के ही धारा सिंह, मेहरबान सिंह, लाखन सिंह और राजेंद्र सिंह ने उनके खेत तक जाने का रास्ता बंद कर रखा है। उनका कहना है कि प्रशासन पहले ही रास्ता खुलवाने के आदेश जारी कर चुका है, लेकिन अब तक उन आदेशों का पालन नहीं कराया गया। कई बार तहसील और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

खेत तक पहुंच नहीं होने से हो रहा नुकसान

दोनों किसान परिवारों का कहना है कि रास्ता बंद होने से खेती का काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। खेत तक कृषि उपकरण और वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर रास्ता खुलवाने की कार्रवाई चाहिए।

कोर्ट में विचाराधीन है मामला

इधर, बड़नगर तहसीलदार रूपाली जैन ने बताया कि खेत के रास्ते का विवाद राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित है। उन्होंने कहा कि किसानों के पास खेत तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, लेकिन वे तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से पटवारी और राजस्व अमले को मौके पर भेजकर किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

लिखित और स्थायी समाधान की मांग

फिलहाल दोनों किसान परिवार पानी की टंकी पर डटे हुए हैं और लिखित एवं स्थायी समाधान मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं तथा कानून के दायरे में रहकर विवाद का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

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