

Tikamgarh Person Complaint To CM Mohan Yadav: टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान एक स्थानीय शख्स ने अपने अनोखे अंदाज से सबका ध्यान खींच लिया। मुख्यमंत्री लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहे थे, इसी दौरान एक व्यक्ति ने सड़क की बदहाली का मुद्दा उठाया। हालांकि, उसने अपनी बात किसी औपचारिक भाषा में नहीं, बल्कि ठेठ बुंदेली अंदाज में रखी।
उसकी बात सुनकर वहां मौजूद लोग मुस्कुराने लगे। व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से सड़क पर बने गड्ढों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, “साहब जी, जो गड्ढा देख लियो, तुम्हारी जय हो जाये…” इसके बाद उसने इलाके की सड़क और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया।
दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात और संवाद का कार्यक्रम भी हुआ। इसी दौरान व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का मौका लिया। उसने बताया कि इलाके की सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है और लोगों को दुर्घटना का डर भी बना रहता है।
मुख्यमंत्री के सामने समस्या रखते समय शख्स का बुंदेली लहजा वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उसने स्थानीय बोली में सड़क की हालत बताई और मुख्यमंत्री से इस समस्या का समाधान कराने की मांग की। उसकी बात रखने का अंदाज भले ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आया, लेकिन उसके पीछे स्थानीय लोगों की गंभीर परेशानी छिपी थी। सड़क के गड्ढे लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद संबंधित विभाग सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कार्रवाई करेगा।
मुख्यमंत्री के सामने बुंदेली अंदाज में कही गई शख्स की बात अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। खास तौर पर “साहब जी, जो गड्ढा देख लियो, तुम्हारी जय हो जाये…” वाला उनका अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क के गड्ढों की जल्द मरम्मत कराकर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए। बारिश के मौसम में सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से भी लोग चिंतित हैं। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के सामने उठी इस समस्या पर जिला प्रशासन कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और बदहाल सड़क को कब तक दुरुस्त कराया जाता है।