श्योपुर में तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी; 28 घायल, 13 की हालत गंभीर

Sheopur News: श्योपुर के आवदा क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 28 लोग घायल हो गए। जिला अस्पताल में बेड कम पड़ने पर एक बेड पर दो मरीजों का इलाज करना पड़ा।
Sheopur Tendon Leave Laborers Tractor Trolley Accident 28 Injured
श्योपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली का एक्सीडेंट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sheopur Tractor Trolley Accident: रविवार दोपहर तेंदूपत्ता तोड़कर जंगल से लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

घटना में करीब 28 महिला और पुरुष मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से 13 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि सभी घायल केरका गांव के निवासी हैं।

काम से घर लौट रहे थे मजूर

यह मामला मध्य प्रदेश के श्योपुर के आवदा क्षेत्र में भोजका-धावा और पनार गांवों की सीमा से लगे जंगल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रोज की तरह रविवार तड़के करीब 4 बजे केरका गांव के लगभग 40 महिला और पुरुष मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल पहुंचे थे।  दोपहर में तेज धूप और भीषण गर्मी बढ़ने पर मजदूरों ने तेंदूपत्ता तोड़ने का काम बंद किया और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर घर लौटने लगे। इसी दौरान जंगल के रास्ते में चालक ने ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार में मोड़ दिया, जिससे ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया। एक तरफ के पहिए उठने के बाद ट्रॉली पलट गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सभी मजदूर हुए चोटिल

हादसे में ट्रॉली में सवार लगभग सभी मजदूरों को चोटें आईं। दुर्घटना के बाद घायल मजदूर किसी तरह सड़क तक पहुंचे और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। इसके बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

एक बेड पर लिटाने पड़े दो मरीज

जिला अस्पताल में घायल महिला और पुरुषों की संख्या अचानक बढ़ने से कुछ समय के लिए इमरजेंसी जैसी स्थिति बन गई। मरीजों की अधिक संख्या के कारण अस्पताल में बेड कम पड़ गए, जिससे डॉक्टरों को शुरुआती इलाज के दौरान एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाना पड़ा। हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था संभाली और घायलों को वार्डों में उपलब्ध खाली बेड पर शिफ्ट कर दिया गया।

ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में घायल हुए सभी लोगों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कर शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल किसी भी घायल की हालत ज्यादा गंभीर नहीं बताई जा रही है।

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