

Seoni Lokayukta Trap News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामलों पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आए दिन लोकायुक्त टीम द्वारा रिश्वत लेते हुए सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बावजूद इसके ऐसे मामलों में कमी नहीं दिख रही है।
ताजा मामला सिवनी जिले का है, जहां जबलपुर लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। बताया जा रहा है की एएसआई ने 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी लेकिन बातचीत के बाद सौदा 20 हजार रुपये का तय हुआ।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के छितापार गांव के एक निवासी ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में सिवनी कोतवाली थाने में पदस्थ एएसआई दिनेश रघुवंशी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया कि उनके बेटे अभिषेक चौरसिया के साथ कुछ ठगों ने नौकरी दिलाने और सरकारी विभाग में वाहन लगाने का झांसा देकर फर्जीवाड़ा किया था। जब वह इस मामले की शिकायत दर्ज कराने कोतवाली थाने पहुंचे, तो एएसआई दिनेश रघुवंशी ने रिपोर्ट दर्ज करने और फर्जी हस्ताक्षरों की जांच कराने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान मामला 20 हजार रुपये में तय हो गया था।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच के बाद उसे सही पाया और बुधवार को रिश्वत की रकम देने के लिए फरियादी को एएसआई दिनेश रघुवंशी के पास भेजा। आरोपी एएसआई ने फरियादी को सिवनी बस स्टैंड के पास एक चाय की टपरी पर पैसे देने के लिए बुलाया। जैसे ही उसने 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक राहुल गजभिए, टीएलओ निरीक्षक शशिकला मस्कुले, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही। बता दें की लोकायुक्त ने इस मामले में बड़ी ही तेजी से कार्रवाई की और आरोपी को दबोच लिया।