नवभारत की खबर का असर: सीवन नदी के घटिया निर्माण पर मचा बवाल, CMO बोले- ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट

Sehore News : सीहोर की सीवन नदी पर करोड़ों रुपये के पेंचिंग कार्य में गुणवत्ता पर सवाल उठे। कांग्रेस नेताओं ने मौके पर निरीक्षण किया, जबकि CMO ने जांच के बाद ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का आश्वासन दिया
Sehore Sevan River Construction
घटिया निर्माण कार्य (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Sehore Sevan River Construction: सीहोर शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी के सौंदर्यीकरण कार्य में अनियमितताओं को लेकर नवभारत द्वारा प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे पेंचिंग कार्य में गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

सीवन नदी के दोनों किनारों पर करीब 3.79 करोड़ रुपये की लागत से पेंचिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। निर्माण में घटिया सामग्री और लापरवाही के आरोप सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। नवभारत की खबर सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

CMO ने कही कार्रवाई की बात

नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) सुधीर सिंह ने कहा है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच में ठेकेदार की लापरवाही या मानकों के विपरीत काम करना साबित होता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की भी बात कही।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने किया निरीक्षण

इधर मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती अपनी टीम के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि सीवन नदी शहर की पहचान है, लेकिन इसके संरक्षण के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है और यह पहली ही बारिश में खराब हो सकता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की।

स्थानीयों में भी नाराजगी

उधर स्थानीय लोगों में भी निर्माण कार्य को लेकर नाराजगी दिखाई दे रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते मामले को उजागर नहीं किया जाता तो घटिया निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाता। लोगों ने प्रशासन से निर्माण की तकनीकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब सभी की नजर नगर पालिका प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ ब्लैकलिस्ट सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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