उफनती नर्मदा नदी में जान जोखिम में डालकर रेत का अवैध खनन, NGT नियमों की उड़ रहीं धज्जियां, प्रशासन मौन

Sehore Mining Mafia: सीहोर के बुधनी के बाबरी गांव में उफनती नर्मदा के बीच कथित अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद भी कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
Sehore Illegal Sand Mining Narmada
उफनती नर्मदा से रेत का अवैध खनन(फोटो सोर्स- नवभारत)
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Sehore Illegal Sand Mining : सीहोर जिले में भारी बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, लेकिन इसी बीच बुधनी ब्लॉक के बाबरी गांव में कथित अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि उफनती नर्मदा के बीच नावों और मशीनों के जरिए रेत निकाली जा रही है। इस दौरान मजदूर तेज बहाव के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर खनन करते नजर आ रहे हैं।

बाबरी गांव के आसपास नर्मदा का जलस्तर बढ़ने के बावजूद कथित तौर पर रेत खनन जारी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नदी के बीच नावों और मशीनों की मदद से रेत निकालते लोग दिखाई दे रहे हैं। कुछ मजदूर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के तेज बहाव के बीच काम करते नजर आ रहे हैं। बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच इस तरह खनन से किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।

मानसून में खनन पर प्रतिबंध के बावजूद काम जारी

मानसून के दौरान नदी क्षेत्रों में खनन पर प्रतिबंध का उद्देश्य जलीय जीवों के प्रजनन चक्र की सुरक्षा के साथ नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण को बचाना है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि 15 जून से 15 अक्टूबर तक खनन पर रोक के बावजूद बाबरी क्षेत्र में रेत निकालने का काम चल रहा है। आरोप है कि 'युफोरिया माइंस एंड मिनरल्स कंसोर्टियम' से जुड़ी गतिविधियों की आड़ में नावों और अन्य संसाधनों के जरिए रेत निकाली जा रही है। हालांकि, कंपनी की भूमिका और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

फर्जी रॉयल्टी से सरकारी राजस्व को नुकसान का आरोप

अवैध खनन के साथ ही रेत परिवहन में कथित फर्जी रॉयल्टी का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि बाबरी क्षेत्र से निकाली जा रही रेत के परिवहन के लिए दूसरे जिलों की रॉयल्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो इससे सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कथित रॉयल्टी हेरफेर के कारण सरकार को हर महीने भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।

वीडियो वायरल, फिर भी खनिज विभाग पर सवाल

बाबरी गांव में कथित अवैध रेत खनन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और खनिज विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में नदी के तेज बहाव के बीच मजदूरों को नाव और मशीनों के जरिए रेत निकालते देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मजदूरों की जान पर भी मंडरा रहा खतरा

नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ने और तेज बहाव के बीच नदी में उतरकर खनन करने से मजदूरों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अचानक जलस्तर बढ़ा या नदी का बहाव तेज हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन से मांग की जा रही है कि नदी क्षेत्र में चल रही कथित खनन गतिविधियों की तत्काल जांच कराई जाए।

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कार्रवाई कब होगी, उठ रहे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच कथित खनन गतिविधियां कैसे चल रही हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती है तो यह प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और खनिज विभाग की कार्रवाई पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बाबरी में खनन किसकी अनुमति से हो रहा था और रॉयल्टी से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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