Satna News: सेंट्रल जेल में गांजा-शराब सप्लाई की कथित डील का ऑडियो वायरल, ASI राजेंद्र चौधरी सस्पेंड

ASI Rajendra Chaudhary Suspended: सतना सेंट्रल जेल से गांजा और शराब सप्लाई की कथित डील का ऑडियो वायरल होने के बाद ASI राजेंद्र चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
Satna Central Jail Audio Viral
सतना सेंट्रल जेल (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Satna Central Jail Audio Viral: सतना केंद्रीय जेल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें जेल के भीतर बंद कैदियों तक गांजा और शराब जैसी प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की बातचीत सुनाई दे रही है। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद सहायक उप निरीक्षक (ASI) राजेंद्र चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर जेल के अंदर 100 ग्राम और 25 ग्राम गांजा के साथ शराब की बोतल पहुंचाने की चर्चा हो रही है। बातचीत में इस काम के बदले 5-5 हजार रुपये यानी कुल 10 हजार रुपये की व्यवस्था करने का भी जिक्र सुनाई देता है। ऑडियो में एक मोबाइल नंबर का उल्लेख भी सामने आया है, जिसे जांच के दौरान पुलिस विभाग में पदस्थ एएसआई राजेंद्र चौधरी से जुड़ा बताया जा रहा है।

ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं

कथित रिकॉर्डिंग में एक व्यक्ति जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी लेते हुए सुनाई दे रहा है। हालांकि ऑडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

वायरल ऑडियो के बाद हरकत में प्रशासन

ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय और जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एएसआई राजेंद्र चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में लापरवाही, पद के दुरुपयोग और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता के प्रथम दृष्टया संकेत मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सतना सेंट्रल जेल प्रदेश की संवेदनशील जेलों में गिनी जाती है। ऐसे में जेल परिसर के भीतर गांजा और शराब जैसी प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कथित साजिश सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां अब संबंधित मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा पूरी व्यवस्था का संचालन किसके स्तर से किया जा रहा था।

जांच में हो सकते हैं नए खुलासे

फिलहाल एएसआई राजेंद्र चौधरी के निलंबन के बाद पुलिस और जेल प्रशासन दोनों स्तरों पर जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं वायरल ऑडियो ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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