

Sohail Khan India’s Top 1% : सागर के अंतरराष्ट्रीय कूडो खिलाड़ी सोहेल खान ने खेल के मैदान से आगे बढ़ते हुए लोकप्रिय लॉजिक और रीजनिंग आधारित शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ में हिस्सा लिया। अभिनेता अनिल कपूर द्वारा होस्ट किए जाने वाले इस शो में सोहेल की विशेषता वाला एपिसोड 26 सितंबर 2026 को StarPlus और JioHotstar पर प्रसारित हुआ। खेल से अलग इस मंच पर सोहेल ने अपनी तार्किक क्षमता और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता को परखा।
‘इंडिया के टॉप 1%’ में 100 प्रतिभागी लॉजिकल और रीजनिंग पर आधारित सवालों के जरिए एक-दूसरे को चुनौती देते हैं। प्रतियोगिता आगे बढ़ने के साथ सवालों का स्तर कठिन होता जाता है और प्रतिभागियों की संख्या भी कम होती जाती है। शो में कुल 13 सवाल होते हैं और सभी 13 सवालों का सही जवाब देने वाले प्रतिभागी के लिए 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है।
सागर जिले के सोहेल खान खेल की दुनिया में अपनी उपलब्धियों के लिए पहचाने जाते हैं। वह World Cup Silver Medallist और 23 बार National Gold Medallist हैं। इसके अलावा, उनके नाम भारत के सबसे तेज नॉकआउट्स में से एक का रिकॉर्ड भी दर्ज है। खेल के क्षेत्र में उपलब्धियों के चलते उन्हें ‘Golden Boy of Madhya Pradesh and India’ के नाम से भी जाना जाता है।
खेल से अलग एक नए तरह के मुकाबले को स्वीकार करते हुए सोहेल खान ने ‘इंडिया के टॉप 1%’ की चुनौती शुरू की। उन्होंने प्रतियोगिता में आगे बढ़ते हुए आठवें सवाल तक अपनी जगह बनाई। इसके बाद अगले सवाल का सही उत्तर नहीं दे पाने के कारण उनका सफर प्रतियोगिता में समाप्त हो गया। हालांकि, उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान लगातार बदलते सवालों और बढ़ती कठिनाई के बीच अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
शो में अपने अनुभव को याद करते हुए सोहेल खान ने इसे शानदार और यादगार बताया। उन्होंने कहा कि वह खुद JioHotstar और StarPlus पर इस शो को देखते रहे हैं, इसलिए उसी शो का हिस्सा बनना उनके लिए खास एहसास था। सोहेल ने कहा कि छोटे शहर से आने के बाद इस मंच तक पहुंचना उनके लिए गर्व और कृतज्ञता की बात है।
सोहेल के मुताबिक, खेल के मुकाबले शो की चुनौती बिल्कुल अलग थी, लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें और ऊंचा लक्ष्य रखने का आत्मविश्वास दिया है और अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है। ‘इंडिया के टॉप 1%’ में उनकी भागीदारी खेल करियर से अलग एक नई चुनौती रही, जिसमें उन्होंने लॉजिक, एकाग्रता और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता को परखा।