पोलियो की दवा के बाद बिगड़ी 3 साल की मासूम की तबीयत? सागर में परिजनों का आरोप, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
Sagar News : शाहपुर विकासखंड में पोलियो की दवा पिलाने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने का परिजनों ने आरोप लगाया है। बच्ची एम्स भोपाल में भर्ती है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: प्रीतेश जैन
बच्ची का परिजन (फोटो सोर्स- नवभारत)
Sagar Pulse Polio Child Health : सागर जिले से पल्स पोलियो अभियान से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आया है। शाहपुर विकासखंड के ग्राम गिरवर में तीन वर्षीय बच्ची की तबीयत पोलियो की दवा पिलाए जाने के बाद बिगड़ने का आरोप उसके परिजनों ने लगाया है। बच्ची के हाथ-पैर अकड़ने, तेज बुखार आने और मुंह से लगातार लार निकलने की शिकायत के बाद उसे पहले बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर और बाद में बेहतर इलाज के लिए एम्स भोपाल रेफर किया गया।
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि बच्ची की हालत का सीधा संबंध पोलियो की दवा से है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्राम गिरवर निवासी हरि नारायण अग्निहोत्री ने बताया कि 29 जून को उनकी तीन वर्षीय बेटी को आंगनवाड़ी केंद्र में पल्स पोलियो अभियान के तहत पोलियो की खुराक पिलाई गई थी। उनका आरोप है कि कुछ समय बाद बच्ची को तेज बुखार आ गया, उसके हाथ-पैर अकड़ने लगे और मुंह से लगातार लार आने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार किया गया।
सम्बंधित ख़बरें
जीतू पटवारी को गोपाल भार्गव का जवाब, बोले- तथ्यों की पुष्टि करें, प्रायोजित वीडियो के आधार पर राजनीति न करें
फर्जी पॉकेट गवाह मामले में पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, इंस्पेक्टर दिनेश वर्मा 3 साल के लिए डिमोट
18 महीने बाद भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा हुए पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत
दतिया हार पर बोले आशुतोष तिवारी- चूक हुई होगी तो समीक्षा करेंगे, काल्पनिक चर्चाओं पर भरोसा नहीं
बीएमसी से एम्स भोपाल किया गया रेफर
परिजनों के अनुसार, बीएमसी में इलाज के दौरान बच्ची की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए एम्स भोपाल रेफर कर दिया। वर्तमान में बच्ची का इलाज एम्स में जारी है और चिकित्सक उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
एम्स के डॉक्टरों को लेकर परिजनों का दावा
बच्ची के पिता का दावा है कि एम्स में डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि यह स्थिति पोलियो की दवा के रिएक्शन से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में एम्स भोपाल की ओर से कोई आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट या बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और फिलहाल इसे परिजनों का दावा माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें : जीतू पटवारी को गोपाल भार्गव का जवाब, बोले- तथ्यों की पुष्टि करें, प्रायोजित वीडियो के आधार पर राजनीति न करें
स्वास्थ्य विभाग ने बैठाई जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. देवेश पटेरिया ने शाहपुर के बीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बच्ची की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण क्या है और क्या इसका पल्स पोलियो की दवा से कोई संबंध है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विशेषज्ञों की राय, मेडिकल जांच और रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
