

Lokayukta Trap Sagar: सागर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी किसान की जमीन का सीमांकन करने के बदले रिश्वत मांग रहा था। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, कर्रापुर निवासी किसान लखन सिंह ने अपनी कृषि भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। 18 मार्च को सीमांकन का आदेश भी जारी हो चुका था, लेकिन परसोरिया हल्का में पदस्थ राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई लगातार कार्रवाई टालते रहे। आरोप है कि सीमांकन करने के बदले उन्होंने पहले 8 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, बाद में सौदा 7 हजार रुपये में तय हुआ।
रिश्वत की मांग से परेशान किसान ने पूरे मामले की शिकायत सागर लोकायुक्त कार्यालय में की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।
गुरुवार को आरोपी ने किसान को पुराने तहसील कार्यालय परिसर में रुपये लेकर बुलाया। जैसे ही फरियादी ने तय रकम 7 हजार रुपये आरोपी को सौंपी, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के हाथों का केमिकल टेस्ट किया गया, जिसमें घोल का रंग लाल हो गया। इससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि आरोपी राजस्व निरीक्षक किसान से सीमांकन करने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सागर जिले में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं, इस घटना के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हलचल तेज हो गई है।
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