सागर में अतिवृष्टि से फसलें तबाह, किसानों को जल्द मिले मुआवजा; पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने कलेक्टर को लिखा पत्र

Sagar Crop Damage: सागर के देवरी-केसली में अतिवृष्टि से तबाही, फसलों को भारी नुकसान के बाद हर्ष यादव ने कलेक्टर को लिखा पत्र मक्का की 100% फसल खराब होने का दावा।
Former minister Harsh Yadav urges immediate compensation for farmers affected by excessive rainfall in Sagar
हर्ष यादव ने किसानों के लिए मुआवजे की उठाई मांग(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Harsh Yadav Demands Compensation Farmers Sagar: सागर जिले के देवरी और केसली विकासखंड में लगातार बारिश और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को लेकर किसानों को राहत और मुआवजा देने की मांग उठी है। देवरी के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने इस संबंध में सागर कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराने और किसानों को नियमानुसार राहत राशि एवं मुआवजा देने की मांग की है।

पूर्व मंत्री के अनुसार, अतिवृष्टि के कारण देवरी और केसली क्षेत्र के कई गांवों में किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उनका कहना है कि खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है।

मक्का की फसल को भारी नुकसान का दावा

हर्ष यादव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हालिया अतिवृष्टि से क्षेत्र में मक्का की फसल को लगभग 100 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य उद्यानिकी फसलें भी अत्यधिक बारिश से प्रभावित होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने फसल तैयार करने में काफी मेहनत और लागत लगाई थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण फसलें खराब होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है। कई किसानों के सामने आगामी कृषि कार्यों के लिए भी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे की मांग

पूर्व मंत्री ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रभावित गांवों में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराया जाए। उन्होंने सर्वे को पारदर्शी तरीके से कराने और प्रत्येक किसान की वास्तविक क्षति का आकलन करने की मांग की है, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि और मुआवजा मिल सके।

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गांव-गांव जाकर सर्वे कराने की मांग

हर्ष यादव ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए। उन्होंने मांग की कि कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रहे। उन्होंने जिला प्रशासन से किसानों को जल्द राहत उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि समय पर सहायता मिलने से प्रभावित किसानों को आगामी कृषि कार्यों में कुछ राहत मिल सकेगी।

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