

Sagar Collector Office Poisoning Case: सागर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। अचानक युवक की तबीयत बिगड़ने और उसे उल्टियां होने पर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उसे संभाला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। फिलहाल युवक का इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि युवक की पहचान विजय कुमार, निवासी गढ़ाकोटा के रूप में हुई है। वह अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। युवक के इस कदम से जनसुनवाई स्थल पर मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य शिकायतकर्ताओं में हड़कंप मच गया।
जिला अस्पताल ले जाने से पहले युवक ने अपनी परेशानी बताते हुए आरोप लगाया कि उसने गढ़ाकोटा के एक व्यक्ति से रुपए उधार लिए थे। विजय का दावा है कि उसने संबंधित व्यक्ति से लिए गए रुपए वापस कर दिए हैं। इसके बावजूद जमीन को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ। युवक का आरोप है कि रुपए वापस करने के बाद भी संबंधित व्यक्ति उसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। विजय के मुताबिक, जमीन पर कब्जा करने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इतना ही नहीं, उसने संबंधित लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
विजय के अनुसार, लंबे समय से चल रहे जमीन और रुपए के विवाद को लेकर वह अपनी शिकायत प्रशासन के सामने रखना चाहता था। इसी उद्देश्य से वह मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था। हालांकि, जनसुनवाई के दौरान ही उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। युवक की हालत बिगड़ते ही मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्काल मदद की। सूचना मिलने पर सागर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी वहां पहुंचे। प्राथमिक स्थिति को देखते हुए युवक को बिना देरी किए जिला अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अब युवक के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि युवक ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनके बीच वास्तव में कितना रुपए का लेन-देन हुआ था और जमीन से संबंधित विवाद की वास्तविक स्थिति क्या है। अधिकारियों के अनुसार, युवक के बयान दर्ज होने और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल युवक अस्पताल में भर्ती है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है।