

BMC Sagar Misbehaviour Case: सागर जिले के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में आधी रात उस समय हंगामा मच गया, जब अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकारी सदस्य बताए जा रहे अनिल श्रीवास्तव 'पीपरा' और उसके साथ आए लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
वीडियो में ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ की सदस्य रिचा लाल मीडिया के सामने पूरी घटना का सिलसिलेवार विवरण देती नजर आती हैं। उनके आरोप बेहद गंभीर हैं। उनका कहना है कि मरीज के इलाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अभद्रता, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी तक पहुंच गया। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस पर भी समय पर कार्रवाई नहीं करने और FIR दर्ज न करने का आरोप लगाया है।
रिचा लाल के अनुसार अस्पताल में लक्ष्मी तिवारी नाम का एक मरीज असॉल्ट (मारपीट) के मामले में उपचार के लिए लाया गया था। उनके मुताबिक मरीज के साथ आए अनिल श्रीवास्तव 'पीपरा' और उसके साथ मौजूद 5-6 लोग कथित रूप से नशे की हालत में थे। उन्होंने बताया कि मरीज का एक्स-रे किया जा रहा था और मेडिकल प्रक्रिया जारी थी, लेकिन इसके बावजूद वे लोग जबरन मरीज को तत्काल वार्ड में भर्ती करने और अपनी शर्तों के मुताबिक इलाज कराने का दबाव बना रहे थे। जब स्टाफ ने उन्हें प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करने को कहा, तो माहौल बिगड़ गया।
रिचा लाल का आरोप है कि जब वह और अन्य डॉक्टर उनसे बात करने पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ गंदे तरीके से छूने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, ड्यूटी पर मौजूद पीजी डॉक्टरों के साथ भी कथित रूप से बैड टच किया गया।
नर्स का दावा है कि विरोध करने पर उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई। उनके अनुसार आरोपियों ने कहा कि जो करना है कर लो, गोली मार देंगे तुम्हारे गार्ड हमारे अंडर काम करते हैं। इतना ही नहीं, अस्पताल के सुरक्षा गार्डों को भी गेट के बाहर निकाल देने का आरोप लगाया गया है।
रिचा लाल का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान बड़े-बड़े नेताओं का नाम लेकर दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही अधिकारियों के पास फोन आने लगे थे कि मरीज का विशेष ध्यान रखा जाए और बेहतर इलाज दिया जाए।
नर्स ने बताया कि घटना के बाद विभागाध्यक्ष (HOD) को बुलाया गया। पुलिस भी अस्पताल पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन उनके अनुसार सुबह तक न तो कोई प्रभावी कार्रवाई हुई और न ही एफआईआर दर्ज की गई। इस बात को लेकर अस्पताल स्टाफ में भारी नाराजगी है।
https://youtu.be/oxUFdreyflo?si=fmlun6hPqjteJsj1