

Digital Arrest Scam Rewa: रीवा में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक जाल बिछाकर एक बुजुर्ग को चार दिनों तक अपने कब्जे में रखा और करीब 23 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को गंभीर मामले में फंसने का डर दिखाया।
इसके बाद गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय पैदा कर लगातार निगरानी में रखा गया। ठगों के दबाव के चलते बुजुर्ग उनकी बात मानते रहे और आखिरकार लाखों रुपये गंवा बैठे।
जानकारी के मुताबिक साइबर अपराधियों ने फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से बुजुर्ग से संपर्क किया। आरोपियों ने उन्हें बताया कि उनका नाम किसी गंभीर मामले में सामने आया है और जांच एजेंसी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। खुद को अधिकारी बताने वाले ठगों ने वीडियो कॉल पर पूछताछ शुरू कर दी। लगातार धमकियों और गिरफ्तारी के डर से पीड़ित मानसिक दबाव में आ गए। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग करीब चार दिनों तक आरोपियों के निर्देशों का पालन करते रहे।
साइबर ठगों ने बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी का हवाला देते हुए पीड़ित को भरोसा दिलाया कि जांच के लिए उनकी रकम को एक सुरक्षित खाते में ट्रांसफर करना जरूरी है। कार्रवाई से बचने और अपनी बेगुनाही साबित करने के दबाव में बुजुर्ग ने अलग-अलग बैंक खातों में करीब 23.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में आरोपियों का व्यवहार और संपर्क संदिग्ध लगने पर पीड़ित को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
घटना का पता चलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है। साइबर सेल मोबाइल नंबर, बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। एडिशनल एसपी भावना मरावी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी के नाम पर फोन अथवा वीडियो कॉल कर पैसे मांगने वालों के झांसे में न आएं। किसी भी स्थिति में रकम ट्रांसफर न करें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।