

Ratlam Temple Theft Case: रतलाम जिले के पिपलोदा थाना क्षेत्र के ग्राम सूखेड़ा में मंदिर चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस पुजारी ने खुद मंदिर में चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला।
पुलिस जांच में सामने आया कि पुजारी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मंदिर से कीमती धार्मिक सामग्री चोरी की थी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार मंदिर के पुजारी विशाल बैरागी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मंदिर में रखे चांदी के सिद्धचक्र और सोने के हार की चोरी की योजना बनाई थी। चोरी के बाद आरोपियों ने मंदिर में किसी बाहरी व्यक्ति के शामिल होने का भ्रम पैदा करने की कोशिश की। शुरुआती जांच में मामला रहस्यमय लग रहा था, लेकिन पुलिस की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।
आरोपियों ने चोरी के बाद पुलिस जांच को भटकाने के लिए मंदिर में 10 रुपये का एक नोट छोड़ दिया था। इस नोट पर लिखा था, "चिंता मत करो, माल 15 तारीख को वापस आ जाएगा।" आरोपियों का मकसद पुलिस को भ्रमित करना और जांच को गलत दिशा में मोड़ना था। हालांकि पुलिस ने इस संदेश को भी जांच का हिस्सा बनाया और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करते हुए आरोपियों तक पहुंच गई।
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद आरोपी सोने का हार बेचने के लिए दिल्ली गए थे। वहां उन्होंने हार को 94 हजार रुपये में बेच दिया। पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने बताया कि पुलिस ने पुजारी विशाल बैरागी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की गई चांदी की सिद्धचक्र प्रतिमा तथा सोने का हार बेचकर प्राप्त 94 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।