

Ratlam Second Marriage Arrest Warrant: रतलाम से वैवाहिक विवाद का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें गंभीर बीमारी से जूझ रहे पति ने अपनी पत्नी पर पहली शादी खत्म किए बिना दूसरा विवाह करने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उसे 25 जुलाई 2026 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट ने बताया कि उनकी और साक्षी नकुम की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। कुछ महीनों तक बातचीत के बाद दोनों ने नवंबर 2022 में इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया। बाद में परिवारों की सहमति मिलने पर दिसंबर 2022 में रतलाम में पारंपरिक रीति-रिवाज से दोबारा शादी हुई।
आकाश के मुताबिक, शादी के कुछ ही महीने बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जांच के लिए गुजरात के वडोदरा ले जाने पर अप्रैल 2023 में डॉक्टरों ने श्वासनली के कैंसर की पुष्टि की। उनका आरोप है कि बीमारी की जानकारी मिलने के बाद पत्नी ने कहा कि तुम तो मर जाओगे मेरा क्या होगा और उसका साथ छोड़ दिया।
आकाश का कहना है कि इलाज के दौरान उनकी पत्नी ने महिला थाने में उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन मेडिकल दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच गया, जहां पत्नी ने तलाक की अर्जी दाखिल की।
पति का आरोप है कि तलाक का मुकदमा लंबित होने के बावजूद उनकी पत्नी ने जून 2024 में छतरपुर निवासी युवक से विवाह कर लिया। उन्होंने दावा किया कि इस विवाह से एक बेटी भी है। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के साथ अदालत में आपराधिक परिवाद दायर किया।
18 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट ने तलाक की याचिका खारिज कर दी। आदेश में अदालत ने कहा कि पत्नी ने अप्रैल 2023 में घर से निकाले जाने का दावा किया था, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार वह नवंबर 2023 में अपने पिता के साथ विवाह पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने स्वयं पहुंची थीं। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके दावों पर सवाल उठाए।
आकाश की शिकायत पर जेएमएफसी कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 82(1) के तहत मामला दर्ज किया। अदालत का कहना है कि कई बार समन जारी होने के बावजूद आरोपी महिला पेश नहीं हुई। लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई 2026 की तारीख तय की है।
आकाश ने बताया कि कैंसर से जूझने के दौरान पहले उनके पिता और बाद में मां का भी निधन हो गया। वर्तमान में वह अकेले रह रहे हैं और इलाज के लिए दोस्तों की मदद पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि उनके अधिवक्ता रजनीश शर्मा बिना फीस लिए उनका मुकदमा लड़ रहे हैं। अब उन्हें अदालत से ही न्याय मिलने की उम्मीद है।