

Raisen Jail Firing : रायसेन की जिला जेल में बुधवार सुबह करीब 9 बजे सनसनीखेज वारदात सामने आई। हत्या के मामले में विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर ने जेल परिसर के अंदर ही ड्यूटी पर तैनात प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर देसी कट्टे से फायर कर दिया। गोली प्रहरी की कमर के नीचे लगी और शरीर के अंदर धंस गई। घटना के बाद जेल परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर जेल परिसर में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर ने कथित तौर पर देसी कट्टे से उन पर गोली चला दी। फायरिंग की आवाज सुनते ही जेल के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल प्रहरी को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
गोली प्रहरी की कमर के नीचे लगी और शरीर के अंदर धंस गई। घटना के बाद घायल दिग्विजय सिंह तोमर को आनन-फानन में रायसेन जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार किया और बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स रेफर कर दिया।
एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी कैदी नीलेश ठाकुर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ पहले भी हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वर्तमान में वह हत्या के मामले में विचाराधीन कैदी के तौर पर जेल में बंद था।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल परिसर के अंदर कैदी के पास देसी कट्टा कैसे पहुंचा। जेल जैसी सुरक्षित जगह पर हथियार पहुंचने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी कैदी के पास कट्टा कहां से आया और उसे जेल के अंदर किस तरह पहुंचाया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हथियार पहुंचाने में किसी बाहरी व्यक्ति या जेल से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। आरोपी कैदी नीलेश ठाकुर के खिलाफ गोलीबारी की घटना को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं घायल प्रहरी का इलाज भोपाल एम्स में कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही वारदात के पीछे की पूरी वजह और जेल में हथियार पहुंचने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।