आरोपी युवक और अफसर।
Indore MBA Student Murder Case News : मध्य प्रदेश के इंदौर में एमबीए छात्रा की जघन्य हत्या के मामले ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मगर, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी पीयूष को लेकर जो नया खुलासा हुआ है, वह किसी फिल्मी कहानी के दुखद मोड़ जैसा है। जिस हाथ ने एक मासूम छात्रा की जान ली, वह कभी देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा यानी आईपीएस (IPS) बनकर खाकी वर्दी पहनने का सपना देखता था। आज वह वही कानून की सलाखों के पीछे है, जिसे कभी वह लागू करने का ख्वाब बुनता था।
आरोपी पीयूष के पिता ने उसकी पुरानी जिंदगी के पन्ने खोलते हुए बताया कि उनके बेटे पर पुलिस अफसर बनने का जुनून इस कदर सवार था कि वह मार्गदर्शन के लिए बड़े अधिकारियों के चक्कर काटता था। करीब दो साल पहले, पीयूष खुद मंदसौर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुंचा था। उसने एसपी साहब से पूछा था कि साहब! मुझे आईपीएस बनना है, इसके लिए मुझे क्या करना चाहिए? उस वक्त अधिकारी ने उसे लगन से पढ़ाई करने और अपने करियर पर ध्यान देने की नेक सलाह दी थी।
पिता के अनुसार आरोपी पीयूष अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए करीब तीन साल पहले कोचिंग के गढ़ दिल्ली भी गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह अफसर बनकर लौटेगा, लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरने के महज एक-दो दिन बाद ही उसे वहां का माहौल समझ नहीं आया और वह वापस घर लौट आया। पिता बताते हैं कि उसे शायद अपनी क्षमता पर संदेह होने लगा था, लेकिन वर्दी की चाहत उसके मन से कभी नहीं गई।
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आज वही पिता समाज के सामने हाथ जोड़कर माफी मांग रहे हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पीयूष ने परिवार के दामन पर जो दाग लगाया है, वह कई पीढ़ियों तक नहीं मिटेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो बेटा कभी समाज सेवा की बातें करता था, उसने ऐसा जघन्य अपराध किया है कि अब वह किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे। पिता ने मांग की है कि पीयूष को उसके इस कृत्य के लिए कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। यह मामला एक सबक है कि कैसे सही मार्गदर्शन और संयम के अभाव में युवा शक्ति विनाशकारी रास्तों पर भटक जाती है।