

BJP MP State Executive Committee Meeting: मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक इस बार ऐतिहासिक नगरी ओरछा में आयोजित होने जा रही है। यह दो दिवसीय बैठक 30 और 31 अगस्त को ओरछा के प्रतिष्ठित राजमहल पैलेस होटल और राजविलास होटल में होगी।
बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए नेताओं का ओरछा पहुंचने का सिलसिला 29 अगस्त से ही शुरू हो जाएगा, जबकि मुख्य बैठक से पहले 25 अगस्त को एक अहम 'टोली बैठक' भी आयोजित की जाएगी।
शनिवार को ओरछा में संगठन के बड़े पदाधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक विशेष बैठक की। इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरूआ, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह और उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। पूरी बैठक की व्यवस्थाओं की मुख्य जिम्मेदारी गौरव रणदिवे और शैलेन्द्र बरूआ को सौंपी गई है, जो सभी इंतजामों की खुद निगरानी कर रहे हैं।
इस कार्यसमिति बैठक के दौरान केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार के ऐतिहासिक कामों पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी को तैयार करने और इसकी पूरी कमान संभालने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेता लोकेन्द्र पाराशर को दी गई है। इसके साथ ही, दो दिवसीय बैठक के दौरान रात्रिकालीन समय में अतिथियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
बैठक में आने वाले अतिथियों के लिए दो विशेष प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं। ओरछा रेलवे स्टेशन से लेकर होटल तक नेताओं को ससम्मान पहुंचाने के लिए विशेष परिवहन की व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ होगी, जिसके बाद सभी नेता प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और फिर अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराकर मुख्य सभागार में प्रवेश करेंगे। इस बैठक के लिए ओरछा क्लब एंड रिजॉर्ट, ओरछा पैलेस सहित विभिन्न होटलों में करीब 400 कमरे बुक कराए गए हैं।
इस कार्यसमिति की कुल सदस्य संख्या की बात करें, तो इस बार प्रदेश कार्यसमिति में कुल 106 नियमित सदस्यों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, संगठनात्मक संतुलन और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 41 विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी इस कार्यसमिति का हिस्सा बनाया है। इस तरह मुख्य सूची और आमंत्रितों को मिलाकर यह संख्या करीब 150 के पास पहुंचती है, लेकिन पदेन सदस्यों (सांसद, विधायक और अन्य) को जोड़ने के बाद पूरी बैठक में करीब 350 से 400 नेताओं की मौजूदगी रहेगी।