

Neemuch Javad Protest For Road: मध्य प्रदेश के नीमच जिले की जावद विधानसभा के बांगरेड गांव में रविवार को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे विधायक के सामने ग्रामीणों ने सड़क निर्माण का मुद्दा उठाते हुए जमकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा और विधायक को सुरक्षा घेरे में वहां से लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बांगरेड गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन के लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा शामिल होने पहुंचे थे। मंच पर पहुंचने के बाद उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए संबोधन शुरू किया, लेकिन इसी दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल तक पहुंचने वाली सड़क का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल भवन का निर्माण तो किया जा रहा है लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए अब भी पक्की सड़क उपलब्ध नहीं है। बरसात के मौसम में कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे मरीजों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कार्यक्रम के दौरान ही सड़क निर्माण की मांग तेज कर दी। उनका आरोप था कि लंबे समय से इस मार्ग को पक्का बनाने की मांग शासन और प्रशासन के सामने रखी जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल भवन से पहले वहां तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। विरोध बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी और मंच के आसपास बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। इससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब विधायक ने ग्रामीणों को शांत कराने और समझाने का प्रयास किया तो स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। कुछ लोग मंच के काफी करीब पहुंच गए और नेताओं के साथ बहस करने लगे। माहौल बिगड़ता देख सुरक्षा कर्मियों ने विधायक को घेर लिया। इस दौरान भीड़ और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई। सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटे जवानों ने विधायक को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास किया, जबकि ग्रामीण लगातार अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे।
विवाद बढ़ने और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख भारतीय जनता पार्टी विधायक ओमप्रकाश सखलेचा को कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर वापस लौटना पड़ा। विरोध के चलते अस्पताल भवन से जुड़े प्रस्तावित कार्यक्रम की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हो सकीं। विधायक के काफिले के रवाना होने के दौरान भी ग्रामीण नारेबाजी करते रहे।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।