MP News: नर्मदापुरम में अनोखा आंदोलन; टैगोर स्कूल को बंद होने से बचाने के लिए सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग

Narmadapuram School Protest: पावरग्रिड परिसर में संचालित टैगोर स्कूल को बंद होने से बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने अनोखा प्रदर्शन किया। लोगों ने करीब 1 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई।
Narmadapuram Tagore School Pathrota Close Protest
टैगोर स्कूल को बचाने के लिए आंदोलन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Narmadapuram Tagore School Pathrota Close Protest: नर्मदापुरम जिले के पथरोटा स्थित पावरग्रिड परिसर में संचालित 37 साल पुराने टैगोर स्कूल को बंद होने से बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने अनोखा प्रदर्शन किया। गुरुवार शाम क्षेत्र के सैकड़ों नागरिक एकजुट हुए और स्कूल बचाने की मांग को लेकर करीब 1 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई।

इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। लोगों ने स्कूल को क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसे बंद नहीं करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्कूल से वर्षों से आसपास के बच्चों को शिक्षा मिल रही है और इसे बंद करना विद्यार्थियों के भविष्य पर असर डालेगा।

इसलिए बंद कराया जा रहा स्कूल

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में हुए इस प्रदर्शन के दौरान स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चे हाथों में किताबें लेकर शामिल हुए। दरअसल, स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसकी संरचनात्मक मजबूती जांचने के लिए मैनिट से स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी टेस्ट कराया गया था, जिसमें भवन असुरक्षित पाया गया। इसके बाद प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए स्कूल को बंद करने का फैसला लिया।

शासन स्तर पर भेजी जाएगी रिपोर्ट

इस मौके पर बीआरसी केसला भी आंदोलन स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि स्कूल को जर्जर भवन बताकर बंद करने की जानकारी मिली है लेकिन बीच सत्र में स्कूल बंद होने से बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी जाएगी।

टैगोर स्कूल में पढ़ते हैं 350 बच्चे

आंदोलन के सूत्रधार संदीप महतो ने भावुक होते हुए कहा कि स्कूल भवन को जर्जर बताकर इसे बंद करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि यहां आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और पावर ग्रिड कॉलोनी के करीब 350 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और हर कक्षा की सीटें पूरी तरह भरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल को बचाने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया गया है। यदि पावर ग्रिड प्रबंधन ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।

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