

Narmadapuram Moong Procurement: नर्मदापुरम जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने पहुंचे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कृषि उपज मंडी के नर्मदांचल खरीदी केंद्र पर किसान तीन से चार दिन से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में मूंग लेकर कतार में खड़े हैं। रविवार को हुई बारिश के कारण खुले में खड़ी उपज भीग गई। किसानों का आरोप है कि तुलाई के बाद समय पर परिवहन नहीं होने से खरीदी की रफ्तार धीमी है, जिसके चलते उन्हें घंटों और कई बार रात तक इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों के मुताबिक, मूंग लेकर वे खरीदी केंद्र पहुंच रहे हैं, लेकिन लंबी कतार के कारण कई दिनों तक नंबर नहीं आ पा रहा है। नर्मदांचल खरीदी केंद्र पर कई किसान तीन से चार दिन से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में खुले में रखी मूंग को बारिश से बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जासलपुर समिति के खरीदी केंद्र पर भी किसानों ने चार से पांच दिन से कतार में खड़े होने का दावा किया है। मूंग किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में उन्हें अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए खुद इंतजाम करना पड़ रहा है। कुछ किसानों ने करीब तीन हजार रुपये खर्च कर तिरपाल खरीदी और बारिश से मूंग को बचाने की कोशिश की।
किसानों का आरोप है कि तुलाई के बाद मूंग का समय पर परिवहन नहीं होने के कारण खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लंबी कतार में कई दिनों तक खड़े रहने से किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली का अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ रहा है। इसके अलावा बारिश में उपज भीगने से गुणवत्ता प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान की चिंता भी किसानों को सता रही है।
किसानों ने खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था करने, बारिश से उपज को बचाने के लिए शेड या अन्य इंतजाम उपलब्ध कराने और तुलाई के बाद मूंग का तत्काल परिवहन कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि परिवहन व्यवस्था में तेजी लाई जाए तो खरीदी केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतार को कम किया जा सकता है और उन्हें कई दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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खरीदी केंद्रों पर परेशान किसानों राधेश्याम, राजेश, भरत दुबे, शिवनारायण कटारे और हरिओम ने अपनी समस्याएं बताईं। किसानों ने कहा कि वे समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन लंबा इंतजार, बारिश और परिवहन में देरी के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।