MP Weather Update: भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, कई जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी

Heavy Rain Alert MP: मध्य प्रदेश के 32 से अधिक जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट, IMD भोपाल ने सीहोर, देवास, छिंदवाड़ा, सागर और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में चेतावनी जारी की।
The India Meteorological Department (IMD) has issued a heavy rainfall alert for Madhya Pradesh
एमपी का मौसम(सोर्स- एआई जनरेटेड)
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Monsoon Update Madhya Pradesh: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र ने सोमवार शाम को मध्य प्रदेश के कई जिलों में बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान और भारी से बहुत भारी बारिश की नई चेतावनी जारी की।

आईएमडी के मुताबिक, सीहोर, देवास, बेतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, सागर और टीकमगढ़ जिलों में बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान और मध्यम बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिमी प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है, साथ ही बिजली गिरने की 30 से 60 प्रतिशत संभावना है।

इन जिलों में हल्की बारिश के साथ बिजली चमकने का अनुमान

हरदा, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, गुना जिले, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, ओरछा, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना, सतना, चित्रकूट, मंडला, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, डिंडोरी, मैहर, बालाघाट, जबलपुर, उमरिया, बांधवगढ़, नरसिंहपुर, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल, विदिशा सहित व्यापक क्षेत्र में बिजली चमकने और हल्की बारिश का अनुमान है।

आईएमडी ने भारी और बहुत भारी बारिश के संभावित प्रभावों की सूची की जारी

आईएमडी ने भारी और बहुत भारी बारिश के संभावित प्रभावों की सूची जारी की है, जिनमें निचले इलाकों में जलभराव, जल जमाव और कम दृश्यता के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात में व्यवधान, पुरानी और कमजोर इमारतों को खतरा, बिजली आपूर्ति में अस्थायी व्यवधान और खड़ी फसलों, बागों और पौधरोपण को मामूली नुकसान शामिल हैं। जान-माल के नुकसान की छिटपुट घटनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

जनता को निचले इलाकों और नालों के पास बने अस्थायी आश्रयों से दूर रहने की दी गई सलाह

निवासियों को निचले इलाकों और नदियों या नालों के पास बने अस्थायी आश्रयों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और घर के अंदर या मजबूत इमारतों में चले जाएं। यदि आवश्यक हो, तो असुरक्षित ढांचों को खाली कर दें। मौसम विज्ञान केंद्र ने वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और यातायात में देरी के लिए आकस्मिक योजनाओं की भी सिफारिश की है।

नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे उफनती नदियों और नालों से दूर रहें और उन जल निकायों के पास जाने से बचें जहां जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने जनता को नियमित रूप से आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। अलर्ट किए गए जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और पूर्वानुमान की अवधि के दौरान असुविधा को कम और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय करने को कहा गया है।

एजेंसी इनपुट के साथ.....

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