Highlights :
एमपी में तीन दिनों से आंधी बारिश का दौर।
तूफान 'अर्नब' कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदला।
मौसम विभाग के मुताबिक 27 जिलों में बारिश की संभावना।
भोपाल और इंदौर में बारिश के आसार कम, खिल सकती है धूप।
Madhya Pradesh Weather Rain Alert : एमपी में पिछले चार पांच दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर चल रहा है। 'अर्नब' तूफान कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल गया है जिसका असर अब भी मौसम पर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को भी कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की सूचना मिली।
इस मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से तो राहत मिली लेकिन किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में खड़ी फसलों और मंडियों में रखे अनाज को बारिश से भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के अनुसार एमपी के 27 जिलों में अभी भी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कुछ जगह गरज चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है। ग्वालियर और जबलपुर जिले समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का असर दिखाई दे सकता है। आसमान में बादल छाने और रुक रुककर बारिश होने से तापमान में बदलाव बना रह सकता है।
राजधानी भोपाल और इंदौर में फिलहाल बारिश की संभावना कम है। यहां मौसम दूसरे जिलों से अलग रह सकता है और धूप खिलने का अनुमान है। इसके अलावा रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर,मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर और हरदा में भी धूप निकलने की संभावना जताई गई है।
लगातार हो रही बारिश का असर कृषि उपज पर भी पड़ा है। खासकर उन क्षेत्रों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। जहां धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण मंडियों में बिक्री के लिए पहुंच रहा अनाज भी भीग रहा है। पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की जानकारी सामने आई है। मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि खेतों में खड़ी फसलों के साथ कृषि उपज को सुरक्षित रखना भी चुनौती बन गया है
मौसम में उतार चढ़ाव के बीच शरीर को गर्म रखना जरूरी है। सुबह जल्दी घर से निकलने वालों को हल्के गर्म कपड़े पहनने चाहिए। सुबह और शाम तापमान में गिरावट के कारण हल्के ऊनी कपड़े उपयोगी हो सकते हैं। इसके साथ ही सुबह बिस्तर से उठने के बाद शरीर को चार पांच बार खींचकर ढीला छोड़ने से सक्रियता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। समय मिलने पर एक ही जगह खड़े होकर कुछ देर जॉगिंग करना भी दिनभर चुस्ती बनाए रखने में सहायक हो सकता है।