राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ हो गया बहुत बड़ा खेला, बिना चुनाव ही जीती बीजेपी, देखें- VIDEO
MP Rajya Sabha Election: MP में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से बीजेपी ने तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है।
- Written By: अमन मौर्या
Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा रद्द कर दिया गया है, जिसके कारण भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट सहित तीनों सीटों पर भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी कि उन्होंने तेलंगाना में दर्ज अपने ऊपर एक एफआईआर की जानकारी चुनावी हलफनामे में छुपाई है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया और इसे राजनीतिक साजिश बताया। कांग्रेस का तर्क था कि वह केवल एक अदालती नोटिस था न कि एफआईआर, लेकिन जांच के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा के आरोपों को सही पाया और नामांकन खारिज कर दिया। विधायकों की टूट और क्रॉस-वोटिंग के डर से कांग्रेस अपने विधायकों की बेंगलुरु में बाड़ेबंदी करने की तैयारी में थी, लेकिन इस फैसले ने कांग्रेस की पूरी रणनीति पर पानी फेर दिया और यह पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा सेटबैक साबित हुआ है।
Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा रद्द कर दिया गया है, जिसके कारण भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट सहित तीनों सीटों पर भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी कि उन्होंने तेलंगाना में दर्ज अपने ऊपर एक एफआईआर की जानकारी चुनावी हलफनामे में छुपाई है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया और इसे राजनीतिक साजिश बताया। कांग्रेस का तर्क था कि वह केवल एक अदालती नोटिस था न कि एफआईआर, लेकिन जांच के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा के आरोपों को सही पाया और नामांकन खारिज कर दिया। विधायकों की टूट और क्रॉस-वोटिंग के डर से कांग्रेस अपने विधायकों की बेंगलुरु में बाड़ेबंदी करने की तैयारी में थी, लेकिन इस फैसले ने कांग्रेस की पूरी रणनीति पर पानी फेर दिया और यह पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा सेटबैक साबित हुआ है।
