

Morena Protest Against Reservation And UGC: मुरैना जिले के कैलारस में गुरुवार को आरक्षण व्यवस्था और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। सवर्ण समाज समन्वय समिति के आह्वान पर बड़ी संख्या में समाज के लोग अलोपी शंकर पहाड़ी के नीचे स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में एकत्रित हुए।
इसके बाद हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली। रैली के दौरान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन के दौरान आरक्षण और यूजीसी के विरोध का अनोखा तरीका भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने एक अर्थी सजाई, जिस पर 'आरक्षण मुर्दाबाद' लिखा हुआ था। चार लोगों ने इस अर्थी को कंधे पर उठाया और बाजार के रास्ते तहसील कार्यालय तक लेकर पहुंचे। रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होना चाहिए। इसी मांग को लेकर समाज के लोगों ने सरकार और प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद की। रैली के दौरान यूजीसी से जुड़ी मांगों को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया।
रैली के तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने परिसर में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद आंदोलन समिति के सदस्य धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने विरोध स्वरूप मुंडन कराया। उन्होंने अर्थी और मटके के साथ चक्कर लगाकर अपना मुंडन कराया। इस दौरान मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मुंडन के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों और विरोध को अलग तरीके से सामने रखा। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए।
प्रदर्शन के बाद सवर्ण समाज के लोगों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। कैलारस में हुए इस प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। अर्थी निकालने, नारेबाजी और मुंडन जैसे तरीकों के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को जिला प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।