

Cremation Ground Issue In Morena Village: मुरैना के पहाड़गढ़ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आज भी लोगों को कई मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का मुंह ताकना पड़ रहा है। सड़क और पेयजल जैसी समस्याओं के बीच अब मुक्तिधाम की बदहाल व्यवस्था का मामला सामने आया है। कहारपुरा पंचायत के पंचमपुरा गांव में आज तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो सका है। शुक्रवार को एक महिला की मौत के बाद बारिश के बीच ग्रामीणों को खुले में तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा।
पंचमपुरा गांव कहारपुरा पंचायत मुख्यालय से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पंचायत की ओर से अब तक मुक्तिधाम के लिए न तो पक्का निर्माण कराया गया है और न ही अंतिम संस्कार के लिए कोई समुचित व्यवस्था की गई है। ऐसे में ग्रामीणों को खुले मैदान में ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है।
सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के मौसम में होती है। कच्चे रास्तों से होकर ग्रामीणों को खुले स्थान तक पहुंचना पड़ता है। बारिश होने पर अंतिम संस्कार के लिए तिरपाल या अस्थायी टिनशेड का सहारा लेना पड़ता है। शुक्रवार को भी बघेल समाज की एक महिला के निधन के बाद ग्रामीणों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ा।
बारिश के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू करने में भी दिक्कत आई। इसके बाद ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर उसके नीचे अंतिम संस्कार की पूरी क्रियाएं पूरी कीं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से कहारपुरा की दूरी अधिक होने के कारण हर बार ग्रामीणों के लिए वहां जाकर अंतिम संस्कार करना व्यावहारिक नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचमपुरा में मुक्तिधाम निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। जिला पंचायतों में विकास कार्यों पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने की बात सामने आती है, लेकिन गांवों में जरूरी सुविधाओं की स्थिति अभी भी बदहाल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पंचमपुरा में जल्द से जल्द पक्के मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश या खराब मौसम में किसी परिवार को अपने परिजन का अंतिम संस्कार करने के लिए इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े।