मुरैना में खुली स्कूलों की पोल: 65 हजार वेतन वाला हेडमास्टर स्कूल से नदारद, 4500 रुपए में रखी मैडम पढ़ाती मिली

Morena School News : मुरैना के सरकारी स्कूल में 65 हजार वेतन वाला हेडमास्टर नदारद मिला, जबकि 4500 रुपए महीने पर रखी महिला 18 बच्चों को पढ़ाती मिली। कलेक्टर ने निलंबन के निर्देश दिए।
Morena Government School Headmaster Absent
DEO के निरीक्षण में खुली स्कूलों की पोल(फोटो सोर्स- नवभारत)
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Morena Government School Negligence: मुरैना जिले में सरकारी स्कूलों की बदहाल शिक्षा व्यवस्था का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में चार सरकारी स्कूलों में कुल 1144 दर्ज विद्यार्थियों में सिर्फ 60 बच्चे ही उपस्थित मिले। पहाड़गढ़ ब्लॉक के पोखर का पुरा प्राथमिक स्कूल में तो स्कूल का हेडमास्टर ही ड्यूटी से नदारद मिला। कक्षा में बच्चों को एक महिला पढ़ाती हुई मिली, जिसने पूछताछ में बताया कि हेडमास्टर ने उसे 4500 रुपए महीने के मानदेय पर पढ़ाने के लिए रखा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने हेडमास्टर अमरलाल रावत को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया पहाड़गढ़ ब्लॉक के पोखर का पुरा प्राथमिक स्कूल के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान हेडमास्टर अमरलाल रावत स्कूल में मौजूद नहीं मिले। वहीं कक्षा में प्रीति रावत नाम की महिला बच्चों को पढ़ाती हुई मिली।

पढ़ाने के लिए 4500 रुपए में महिला को रखा

पूछताछ में महिला ने बताया कि हेडमास्टर ने उन्हें 4500 रुपए महीने के मानदेय पर बच्चों को पढ़ाने के लिए रखा है। बच्चों ने भी अधिकारियों को बताया कि स्कूल में मैडम ही पढ़ाने आती हैं और हेडमास्टर कभी-कभार ही दिखाई देते हैं। निरीक्षण के दौरान स्कूल में दर्ज बच्चों की संख्या की जानकारी भी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी। न तो महिला बच्चों की संख्या बता सकी और न ही पहाड़गढ़ बीआरसी से तत्काल इसका रिकॉर्ड मिल सका।

कलेक्टर ने निलंबन के दिए निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी की निरीक्षण रिपोर्ट सामने आने के बाद कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने हेडमास्टर अमरलाल रावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संबंधित दोनों जनशिक्षकों को नोटिस जारी कर उनके निरीक्षण प्रतिवेदन भी मांगे गए हैं।

चार स्कूलों में दर्ज 1144 में से सिर्फ 60 बच्चे उपस्थित

औचक निरीक्षण के दौरान जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक मिली। पहाड़गढ़ ब्लॉक के ईपीएस मिडिल स्कूल भगतपुरा में 449 दर्ज विद्यार्थियों में केवल 25 बच्चे उपस्थित मिले। यहां पालक-शिक्षक संपर्क पंजी और शिक्षक दैनिक डायरी भी नहीं मिली। मालीबाजना प्राथमिक स्कूल में 170 दर्ज बच्चों में सिर्फ सात विद्यार्थी स्कूल पहुंचे थे। वहीं कैलारस के देवीसिंह का पुरा स्कूल में 45 में से केवल 10 बच्चे उपस्थित मिले। यहां दो शिक्षक मौजूद थे, लेकिन उनके पास भी जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।

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संस्था प्रभारियों की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई

चारों स्कूलों में 1144 दर्ज विद्यार्थियों के मुकाबले महज 60 बच्चों की उपस्थिति ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया के मुताबिक कम छात्र संख्या और व्यवस्थाओं में लापरवाही को लेकर सभी संस्था प्रभारियों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की जा रही है। मामले ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, जवाबदेही और बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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