मुरैना में बाढ़: गर्भवती महिला सहित 112 लोगों को SDERF ने किया रेस्क्यू, किसानों ने मांगा खराब फसल का मुआवजा

Quari River Flood : अंबाह में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन गांवों में बाढ़ आई। SDRF ने गर्भवती महिला समेत 112 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित पहुंचाया। फसल खराब होने पर किसानों ने मुआवजा मांगा।
SDERF Team Rescue Operation
जिन्ना का पुरा गांव से गर्भवती महिला को बाढ़ से निकालते SDERF की टीमफोटो सोर्स- नवभारत
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Morena Flood Rescue : मुरैना जिले में तीन दिन से बारिश नहीं हुई है, लेकिन नदियों का बढ़ता जलस्तर अब भी ग्रामीण इलाकों के लिए परेशानी बना हुआ है। मंगलवार को अंबाह क्षेत्र में क्वारी नदी का पानी अचानक बढ़ने से जिन्ना का पुरा, विपतिपुरा और झरना का पुरा में बाढ़ के हालात बन गए। पानी में फंसे गर्भवती महिला समेत 112 लोगों को आपदा प्रबंधन और एसडीईआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

जिन्ना का पुरा गांव में चारों तरफ पानी भरने के बाद एक गर्भवती महिला के फंसे होने की सूचना आपदा टीम को मिली। एसडीईआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद टीम ने अन्य प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया।

विपतिपुरा में 71 ग्रामीणों का रेस्क्यू

विपतिपुरा में बाढ़ का पानी बढ़ने से पूरा इलाका टापू जैसा हो गया था। यहां 71 ग्रामीणों के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार सुबह से दोपहर तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। एसडीईआरएफ की टीम ने सभी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

झरना का पुरा में 40 लोगों को निकाला

अंबाह क्षेत्र के झरना का पुरा गांव के एक हिस्से में भी क्वारी नदी का पानी पहुंच गया था। कई घरों के आसपास जलभराव की स्थिति बनने के बाद टीम ने मोटरबोट की मदद से 40 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया गया कि रामपुर, कैलारस और मुरैना क्षेत्र में क्वारी नदी का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन अंबाह में मंगलवार को पानी बढ़ने से हालात बिगड़ गए।

फसलों के नुकसान से किसान परेशान

बाढ़ और भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। किसान सभा ने मंगलवार को कैलारस तहसीलदार सिद्धार्थ गौतम को ज्ञापन देकर प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे कराने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की। किसानों के मुताबिक कई गांवों में बाजरा, सोयाबीन और तिली की फसलें पानी में डूबने से खराब हो गई हैं।

खेतों में पानी भरने से फसलें गलने लगीं

खुमान का पुरा में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों बीघा फसल प्रभावित होने की बात किसानों ने कही है। जयराम पुरा, केंसौपुरा और तोर समेत कई गांवों में भी पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। वहीं बीरमपुर, निरारा, लहचोरा, डोंगरपुर और बस्तौली रीझौनी के खेतों में पानी जमा होने से फसलें खराब होने लगी हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था और प्रभावित इलाकों का सर्वे कराने की मांग की है।

बाढ़ में मधुमक्खी पालन को भी नुकसान

बाढ़ का असर मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों पर भी पड़ा है। किसानों के अनुसार कई जगह मधुमक्खी पालन की पेटियां बाढ़ के पानी में बह गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने फसल के साथ मधुमक्खी पालन में हुए नुकसान को भी राहत सर्वे में शामिल करने की मांग की है।

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ऊंचे पुल बनाने की मांग

किसान सभा ने बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की समस्या को देखते हुए कई गांवों में ऊंचे पुल बनाने की मांग उठाई है। ब्रम्हवाजना, मालीवाजना, बिरावली, माधोपुरा, खेड़ा कलां, माधोगढ़, अर्रोदा, सारसवारी का पुरा और बघरोली समेत अन्य गांवों के लिए पुल निर्माण की मांग ज्ञापन में रखी गई।

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