घर के आंगन में पहुंचा 11 फीट लंबा मगरमच्छ,वन विभाग ने साढ़े तीन घंटे रेस्क्यू कर पकड़कर चंबल नदी में छोड़ा

Morena Crocodile Rescue : खुलावली गांव में रात 11 बजे घर के आंगन में पहुंचा विशाल मगरमच्छ। मवेशियों की आवाज सुनकर जागा परिवार। सुबह 4 बजे रेस्क्यू टीम ने पकड़कर राजघाट पर चंबल नदी में छोड़ा।
Rescue of Crocodile Morena
घर के आंगन में पहुंचा 11 फीट लंबा मगरमच्छफोटो सोर्स - नवभारत
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Highlights :

  • मुरैना के खुलावली गांव में घर के आंगन में पहुंचा 11 फीट लंबा विशाल मगरमच्छ।

  • रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 11 बजे हुई घटना से गांव में मचा हड़कंप।

  • मवेशियों की हलचल की आवाज सुनकर जागा परिवार।

  • आंगन में मगरमच्छ देखकर घबराए लोग।

Morena News : मुरैना जिले में चंबल नदी से निकलकर एक विशाल मगरमच्छ रिहायशी इलाके में पहुंच गया। देवगढ़ थाना क्षेत्र के खुलावली गांव में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 11 बजे 11 फीट लंबा मगरमच्छ एक घर के आंगन में जा पहुंचा।

अचानक मगरमच्छ को देखकर परिवार के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया।

मवेशियों की आवाज सुनकर जागा परिवार

जानकारी के अनुसार खुलावली गांव में शाला चौकी के पास खेतों में कई ग्रामीणों ने अपने घर बना रखे हैं। रविवार रात एक घर के आंगन में अचानक मगरमच्छ पहुंच गया। इसी दौरान मवेशियों में हलचल होने की आवाज सुनकर परिवार के लोग जाग गए। बाहर आकर देखा तो आंगन में विशाल मगरमच्छ मौजूद था। परिवार को मवेशियों पर हमले का डर सताने लगा। इसके बाद लोगों ने लंबे-लंबे डंडों की मदद से मगरमच्छ को आंगन से बाहर खदेड़ा।

ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम

घर से बाहर निकलने के बाद मगरमच्छ एक जगह जाकर बैठ गया। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलने पर रात करीब 12 बजे चंबल घड़ियाल अभयारण्य की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मगरमच्छ के विशाल आकार और उसकी फुर्ती के कारण अभियान आसान नहीं था।

रस्सी और जाल से कई बार निकल गया मगरमच्छ

मुरैना जिले के खुलावली गांव में मगरमच्छ को पकड़ने के दौरान रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। टीम ने रस्सी और जाल की मदद से उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे कई बार बचकर निकल गया। इसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन लंबा खिंचता चला गया। इस दौरान ग्रामीणों की नजरें भी पूरे अभियान पर टिकी रहीं। आखिरकार करीब साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम को सफलता मिली।

सुबह 4 बजे मगरमच्छ को चंबल नदी में छोड़ा

रेस्क्यू टीम ने सोमवार सुबह करीब 4 बजे 11 फीट लंबे मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से राजघाट ले जाया गया जहां चंबल नदी में छोड़ दिया गया। इस तरह पूरी रात चले अभियान के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। समय रहते मगरमच्छ को पकड़ लिए जाने से किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई।

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भोजन की तलाश में बस्ती तक पहुंचने की आशंका

घड़ियाल अभयारण्य के केयरटेकर ज्योति डंडौतिया के मुताबिक संभव है कि मगरमच्छ चंबल नदी से निकलकर किसी छोटे जलाशय में पहुंच गया हो। वहां भोजन नहीं मिलने के कारण वो आगे बढ़ते हुए रिहायशी इलाके तक आ गया। गौरतलब है कि खुलावली गांव चंबल नदी से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित है। घर के आंगन में मगरमच्छ पहुंचने की इस घटना ने ग्रामीणों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया।

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