Highlights :
मुरैना में प्रशासन ने 1860 किलो संदिग्ध मिलावटी दुग्ध उत्पाद जब्त किए।
58 पेटियों में रखा 1740 किलो मिल्क केक और 120 किलो मावा पकड़ा गया।
खाद्य विभाग की प्राथमिक जांच में स्टार्च और न्यूट्रीलाइजर की मौजूदगी मिली।
Morena adulterated milk products seized : दीपावली के त्योहार पर मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। मुरैना में प्रशासन ने मिलावटी दुग्ध उत्पादों की बड़ी खेप पकड़ी है। शनिवार को छापामार कार्रवाई के दौरान 1740 किलो मिल्क केक और 120 किलो मावा जब्त किया गया। ये माल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर भेजने की तैयारी थी। मौके पर की गई प्राथमिक जांच में दोनों उत्पादों में स्टार्च और न्यूट्रीलाइजर की मौजूदगी मिली है।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर डिप्टी कलेक्टर उमेश अवस्थी को सूचना मिली कि अंबाह बायपास स्थित इमलिया रोड से मिलावटी मावा और मिल्क केक दूसरे शहरों में भेजा जा रहा है। सूचना पर डिप्टी कलेक्टर खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की टीम के साथ श्रीहरि घनश्याम मैरिज गार्डन पहुंचे। यहां मिनी लोडिंग वाहन से मावा और मिल्क केक की टोकरियां आइशर कैंटर में लोड की जा रही थीं।
कार्रवाई के दौरान टीम ने 58 पेटियों में भरा करीब 1740 किलो मिल्क केक और चार टोकरियों में रखा 120 किलो मावा जब्त किया। पूछताछ में सामने आया कि ये माल अभिजीत डंडौतिया और शिवदयाल शर्मा का है ये दोनों सगे भाई बताए गए हैं और श्री सांवरिया नाम से फर्म संचालित करते हैं। मौके पर मौजूद अभिजीत ने अधिकारियों को बताया कि मैरिज गार्डन से करीब आधा किलोमीटर दूर उनका प्लांट है जहां मावा और मिल्क केक तैयार किया जाता है।
मुरैना जिले में मिलावट की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की चलित लैब और रैपिड टेस्ट किट का इस्तेमाल किया गया। दोनों जांच में मिल्क केक और मावे में स्टार्च तथा न्यूट्रीलाइजर की मौजूदगी मिली। अधिकारियों के मुताबिक, स्टार्च की मौजूदगी मैदा और अरारोट जैसी सामग्री की मिलावट की ओर इशारा करती है। वहीं न्यूट्रीलाइजर का इस्तेमाल मिलावटी दूध तैयार करने में भी किया जाता है।
प्रशासन ने दोनों उत्पादों को जब्त कर उनके सैंपल विस्तृत जांच के लिए भोपाल की लैब भेजे हैं। फिलहाल जब्त माल को कोल्ड स्टोर में रखवाया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद उत्पादों की गुणवत्ता और मिलावट की स्थिति को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
मुरैना से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की दूरी करीब 880 किलोमीटर है। जिस आइशर कैंटर में माल लोड किया जा रहा था उसे बिलासपुर पहुंचने में लगभग 18 घंटे लगते हैं। जब्त पेटियों और बोरों पर 'पी-17 सोनू, शुभम बिलासपुर बीएसपी' लिखा मिला है। इससे आशंका जताई जा रही है कि माल बिलासपुर में सोनू और शुभम नाम के लोगों तक पहुंचाया जाना था। प्रशासन इस संबंध में बिलासपुर प्रशासन से संपर्क कर सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रहा है।
जांच में सामने आया कि श्री सांवरिया नाम से संचालित डेयरी का पंजीयन इसी साल अगस्त में कराया गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता के मुताबिक करीब दो महीने पहले ही डेयरी का पंजीयन हुआ है। अब प्रशासन ये पता लगा रहा है कि यहां कब से दुग्ध उत्पाद तैयार किए जा रहे थे और अब तक किन शहरों में उनकी सप्लाई की गई।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले मुरैना से भोपाल शहर भेजा जा रहा मिलावटी मावा रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया था। इसके बाद शासन स्तर से मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने विशेष टीम गठित की थी। डिप्टी कलेक्टर उमेश अवस्थी ने बताया कि प्राथमिक जांच में मिल्क केक और मावे में स्टार्च व न्यूट्रीलाइजर मिलने पर दोनों उत्पाद जब्त किए गए हैं।