

Kanha Tiger Reserve News : मानसून के बाद मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व का जंगल एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। 1 अक्टूबर से कान्हा के कोर क्षेत्र में नए पर्यटन सत्र की शुरुआत हो गई। खटिया, मुक्की और सरही तीनों पर्यटन द्वारों से पर्यटकों ने जंगल सफारी शुरू की। पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही 1 से 7 अक्टूबर तक चलने वाले वन्यजीव संरक्षण सप्ताह का भी आगाज हुआ।
एक अक्टूबर की सुबह खटिया पर्यटन द्वार पर पर्यटन सत्र का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी ने ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग और ओलंपियन इलावेनिल वेलारेवीन की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर सफारी वाहनों को रवाना किया। इस दौरान पर्यटकों के बीच भी खास उत्साह नजर आया।
कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की पर्यटन द्वार पर उप संचालक प्रकाश कुमार वर्मा ने पर्यटन गतिविधियों का शुभारंभ किया। इसके साथ ही सरही पर्यटन द्वार से भी कोर क्षेत्र की सफारी शुरू हो गई। तीनों पर्यटन द्वारों से सफारी शुरू होने के साथ ही लंबे मानसून अंतराल के बाद कान्हा का कोर जोन पर्यटकों के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गया।
मानसून के बाद कान्हा का जंगल हरियाली से सराबोर नजर आ रहा है। प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी की उपलब्धता और अनुकूल प्राकृतिक वातावरण के बीच जंगल की खूबसूरती और बढ़ गई है। पर्यटकों को सफारी के दौरान हरियाली के साथ वन्यजीवों की गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। कोर क्षेत्र खुलने से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी उत्साह है।
नीरज चोपड़ा की मौजूदगी में पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही वन्यजीव संरक्षण सप्ताह भी शुरू हो गया है। 1 से 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पर्यटन द्वारों पर मौजूद अतिथियों, वन अधिकारियों, कर्मचारियों और पर्यटकों ने वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा की शपथ ली।
कान्हा में पर्यटन केवल जंगल और वन्यजीवों को करीब से देखने का अनुभव नहीं है, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के बीच संबंध को समझने का अवसर भी है। वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के माध्यम से पर्यटकों को जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जा रहा है। नए पर्यटन सत्र के साथ कान्हा में एक बार फिर वन्यजीव पर्यटन की गतिविधियां शुरू हो गई हैं।