एक्शन मोड में CM मोहन, अचानक पहुंचे गेहूं खरीदी केंद्र, किसानों के साथ पी चाय

CM Mohan Inspection: खरगोन के गेहूं खरीदी केंद्र पर अचानक पहुंचे CM मोहन, किसानों से जानीं समस्याएं, केंद्र पर मौजूद सुविधाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
CM Mohan Yadav Meet Farmers at Procurement Center
किसानों से मिलते CM मोहन यादव (सोर्स- नवभारत)
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CM Mohan in Action Mode: मध्य प्रदेश के गेहूं उपार्जन केंद्रों पर खरीदी जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव अचानक खरगोन के एक उपार्जन केंद्र पर औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने खरीदी केंद्र की सुविधाओं को जायजा लिया। साथ ही किसानों से मिलकर जमीनी हकीकत भी जानी।

CM मोहन यादव ने महेश्वर में रात्रि विश्राम किया था। सुबह होते ही वह खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र पर पहुंच गए। केंद्र में उन्होंने किसानों से मिलकर ये जाना कि  शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं उन्हें मिल रही हैं या नहीं? इसके साथ ही सीएम ने किसानों के साथ साथ चाय भी पी।

किसानों से सुनी समस्याएं

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर किसान काफी खुश नजर आए और उन्हें अपनी समस्याएं भी बताईं। इस दौरान CM ने कंप्यूटर रूम, बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण समेत सभी सुविधाओं का निरीक्षण किया। साथ ही केंद्र से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।

कल जो कहा था, आज वो किया

CM मोहन यादव ने कल यानी 29 अप्रैल को जो कहा था, वैसा ही 30 अप्रैल को किया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं और उन्होंने आज ऐसा ही किया। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने और गेहूं खरीदी केंद्रों पर ये सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे कि किसानों को सभी सुविधाएं मिलें और कोई दिक्कत ना हो।

अब तक इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी

गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस साल युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

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