खंडवा में रील के चक्कर में पहुंचे 'लॉकअप', तांत्रिक बनकर फैलाया डर; व्यूज पानी की चाहत में उठाया कदम

Youth Detained In Khandwa For Prank Video: खंडवा अस्पताल के गेट पर तांत्रिक बनकर रील बनाना दो युवकों को पड़ा महंगा, अंधविश्वास और भय फैलाने के आरोप में मोघट पुलिस ने किया गिरफ्तार।
Two youths in Khandwa were detained after posting a viral tantrik-themed reel on social media
खंडवा में रील बनाना पड़ा भारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Khandwa Tantrik Prank Video: सोशल मीडिया पर वायरल होने और ज्यादा लाइक-व्यूज पाने की चाहत में खंडवा के दो युवकों को महंगा पड़ गया। दोनों ने तांत्रिक बनकर लोगों में डर और अंधविश्वास फैलाने वाली रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और दोनों युवकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला खंडवा के श्री नंदकुमार सिंह मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल परिसर के मुख्य गेट का है। यहां दो युवक तांत्रिक क्रियाओं का नाटक करते हुए वीडियो बना रहे थे। वायरल वीडियो में एक युवक तांत्रिक के वेश में नजर आ रहा था, जबकि दूसरा उसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। वीडियो को इस तरह फिल्माया गया था कि देखने वालों के बीच भय और अंधविश्वास का माहौल पैदा हो सके।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

रील सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होते ही लोगों ने इसकी चर्चा शुरू कर दी। कई लोगों ने इसे भ्रामक और समाज में गलत संदेश देने वाला बताया। मामला बढ़ने पर इसकी जानकारी मोघट थाना पुलिस तक पहुंची। पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू की और वीडियो में दिखाई दे रहे दोनों युवकों की पहचान कर ली।

पूछताछ में कबूला रील बनाने का मकसद

पुलिस जांच में दोनों युवकों की पहचान विनय उर्फ जय पिता जितेंद्र चौहान निवासी रामनगर और आयुष पिता मुकेश खरे निवासी माता चौक के रूप में हुई। दोनों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पूछताछ के दौरान युवकों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अधिक लाइक, व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से यह वीडियो बनाया था। उनका उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि वायरल होना था।

पुलिस ने की कार्रवाई, जमानत पर मिली रिहाई

हालांकि पुलिस ने इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए दोनों युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत कार्रवाई की। इसके बाद उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जमानत मिल गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक या समाज में भय फैलाने वाली सामग्री बनाने से बचें।

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