खंडवा में आमीन खान हत्याकांड में बड़ा अपडेट, पत्नी और आशिक को उम्रकैद; ADJ अनिल चौधरी की अदालत का महा-फैसला

Khandwa Murder Case: खंडवा कोर्ट का बड़ा फैसला, आमीन खान हत्याकांड में बेवफा पत्नी शहनाज बी और उसके प्रेमी अख्तर सैय्यद को उम्रकैद, 12 साल के बेटे की गवाही से खुला राज।
Khandwa court awards life imprisonment in Amin Khan murder case
खंडवा मर्डर केस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Amin Khan Murder Case: मध्य प्रदेश के खंडवा में चर्चित फ्रूट कारोबारी आमीन खान हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे अनिल चौधरी की अदालत ने मृतक की पत्नी शहनाज बी और उसके प्रेमी अख्तर सैय्यद को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला 23 मई 2025 को सामने आया था, जब आमीन खान की उनके घर में सोते समय कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

शुरुआती जांच में पुलिस को मामला संदिग्ध लगा, क्योंकि वारदात के समय कमरे में उनकी पत्नी भी मौजूद थी। कमरे की परिस्थितियों और घटनास्थल से मिले सुरागों ने पुलिस का शक गहरा दिया, जिसके बाद जांच का पूरा रुख बदल गया।

पूछताछ में खुली प्रेम-प्रसंग और हत्या की पूरी साजिश

पुलिस ने जब शहनाज बी से सख्ती से पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि शहनाज ने करीब 10 महीने पहले आमीन खान से तलाक लेकर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के चोपड़ा निवासी अख्तर सैय्यद से निकाह किया था। हालांकि, कुछ समय बाद वह बच्चों का हवाला देकर वापस खंडवा लौट आई और दोबारा आमीन खान के साथ रहने लगी। इस दौरान अख्तर से उसका लगातार मोबाइल पर संपर्क बना रहा। पुलिस के अनुसार, आमीन खान इस रिश्ते का विरोध करते थे, जिससे परिवार में अक्सर विवाद होता था। इसी वजह से शहनाज और अख्तर ने कथित तौर पर आमीन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई ताकि वे फिर से साथ रह सकें।

वारदात की रात घर पहुंचा प्रेमी, गोली मारकर की हत्या

पुलिस जांच के मुताबिक, योजना के तहत शहनाज ने अख्तर को महाराष्ट्र से खंडवा बुलाया। वारदात वाली रात अख्तर घर पहुंचा और सो रहे आमीन खान की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने मामले को सामान्य हत्या का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में उनकी साजिश उजागर हो गई। तत्कालीन एएसपी (ग्रामीण) राजेश रघुवंशी ने बताया था कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया था। इसके बाद हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

बेटे की गवाही और फॉरेंसिक साक्ष्य बने फैसले की अहम कड़ी

करीब एक वर्ष से अधिक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर महाराष्ट्र मार्ग स्थित एक पुलिया के नीचे से हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर बरामद की। फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि घटनास्थल से मिला कारतूस उसी हथियार से चला था। मृतक के 12 वर्षीय बेटे ने भी अदालत में गवाही देते हुए बताया कि वारदात की रात वह अपने पिता के साथ कमरे में सो रहा था और कमरे में उसकी मां शहनाज मौजूद थी।

वहीं, मृतक की मां ने आरोपी अख्तर को घटना के बाद भागते हुए देखने की बात कही। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों ने भी अभियोजन के दावों को मजबूत किया। सभी सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

https://youtu.be/rMLSRf83I9c?si=cCtbb3VjU5DNzFJC

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