Katni News: सरकारी स्कूलों के बंद पड़े 99 स्मार्ट बोर्ड्स का 'स्मार्ट' इस्तेमाल; QR कोड से पढ़ाई की अनूठी पहल

Madhya Pradesh News: कटनी जिले में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर डायट कटनी ने एक क्रांतिकारी क्यूआर कोड आधारित डिजिटल मॉडल विकसित किया है।
Katni QR Code Smart Board Education Model
कटनी में स्मार्ट बोर्ड का स्मार्ट इस्तेमाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Katni QR Code Smart Board Education Model: मध्य प्रदेश के कटनी जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यहां के सरकारी स्कूलों में तकनीक के उपयोग से पढ़ाई को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी अब शहरी स्तर की आधुनिक शिक्षा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

जिला शिक्षा संस्थान ने इसके लिए एक विशेष डिजिटल मॉडल विकसित किया है। इस योजना के तहत स्कूलों में उपलब्ध स्मार्ट बोर्ड का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अब तक जिन स्मार्ट बोर्ड्स का उपयोग कम हो रहा था, वह अब शिक्षण प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनकर छात्रों को रोजाना नई और रोचक सीख प्रदान करेंगे।

शैक्षणिक वीडियो के तैयार किए गए क्यूआर कोड

डाइट कटनी ने कक्षा 6 से 8 तक के प्रमुख विषयों की एक विस्तृत सूची तैयार की है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे मूलभूत विषय शामिल हैं। इस पहल के तहत विशेषज्ञों ने प्रत्येक अध्याय के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक वीडियो चयनित किए हैं और उनके क्यूआर कोड तैयार किए गए हैं। शिक्षक और विद्यार्थी इन कोड को स्मार्ट बोर्ड पर आसानी से स्कैन कर सकेंगे।

स्कैन करते ही संबंधित पाठ का वीडियो स्क्रीन पर

स्कैन करते ही संबंधित पाठ का वीडियो तुरंत स्क्रीन पर चलने लगेगा, जिससे विजुअल माध्यम के जरिए कठिन विषय भी सरल और समझने योग्य बन जाएंगे। इस डिजिटल मॉडल की खासियत इसकी सहज और सरल भाषा शैली है, जो छात्रों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाती है।

स्थानीय शिक्षकों ने खुद भी तैयार किए वीडियो

जिन पाठों के वीडियो इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं थे, उनके लिए स्थानीय शिक्षकों ने स्वयं वीडियो तैयार किए हैं। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर अनुभवी शिक्षकों ने आगे आकर सरल और स्थानीय भाषा में वीडियो लेक्चर रिकॉर्ड किए हैं। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें अब कठिन तकनीकी शब्दावली से जूझना नहीं पड़ेगा और वे आसानी से विषयों को समझ सकेंगे।

99 बंद स्मार्ट बोर्ड्स का स्मार्ट तरीके से होगा इस्तेमाल

जिले के 45 सरकारी स्कूलों और 9 हॉस्टलों में लगाए गए 99 स्मार्ट बोर्ड लंबे समय से उपयोग में नहीं आ पा रहे थे। उचित प्रशिक्षण और उपयुक्त शैक्षणिक सामग्री की कमी के कारण इनका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हो सका था। कलेक्टर की इस नई पहल ने इन निष्क्रिय संसाधनों को फिर से सक्रिय कर दिया है और उनमें नई ऊर्जा का संचार किया है। अब जिले के हर क्षेत्र में विद्यार्थियों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

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