

Kailash Vijayvargiya Controversial Statement on Rahul Gandhi: राजनीति में बयानों की मर्यादा एक बार फिर तार-तार हुई है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के नेता अपनी जवान बहन को बीच चौराहे पर चूमते हैं, जो कि विदेशी संस्कृति का प्रतीक और संस्कारों का अभाव है।
कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात रखते हुए पुरानी संस्कृति का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'हम पुरानी संस्कृति के लोग हैं। हमारी बहनों के गांव जीरापुर में तो हम पानी तक नहीं पीते थे। मेरे पिताजी घर से ही पानी का लोटा लेकर जाते थे।' उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी विदेश में पले-बढ़े हैं, इसलिए उनके संस्कार अलग हैं। वे प्रधानमंत्री से भी तू-तड़ाक करके बात करते हैं। उनका इशारा राहुल और प्रियंका की उस तस्वीर की ओर था, जो 23 अक्टूबर 2024 की है, जब प्रियंका ने वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन भरा था।
यह पहली बार नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बयानों से विवाद खड़ा किया हो। इससे पहले अप्रैल 2023 में उन्होंने इंदौर में कहा था कि झूमते हुए नौजवानों को देखकर उन्हें पांच-सात थप्पड़ मारने की इच्छा होती है। वहीं, अगस्त 2025 में उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त 1947 को हमें कटी-फटी आजादी मिली थी। जून 2025 में भी उनका एक बयान चर्चा में आया था जब उन्होंने कहा कि मुझे कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां पसंद नहीं हैं।
कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, 'कैलाश विजयवर्गीय बेशर्म आदमी हैं। एक भाई और बहन का रिश्ता क्या होता है, इसे पूरा देश समझता है। लेकिन मंत्रीजी बार-बार महिलाओं और बेटियों का अपमान करते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि नवरात्र जैसे पवित्र अवसर पर ऐसी बातें कहना बेहद शर्मनाक है और माता रानी उन्हें सद्बुद्धि दें। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।