15 हजार की जगह सिर्फ 8500 रुपये वेतन, सफाई कर्मचारियों के शोषण पर भड़के प्रियंक कानूनगो; दिए FIR के निर्देश

Priyank Kanoongo Meeting: NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मानव अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा को लेकर बैठक ली। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
Priyank Kanoongo NHRC Review Meeting Jabalpur
प्रियंक कानूनगो मीटिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Priyank Kanoongo NHRC Review Meeting Jabalpur: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मानव अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा को लेकर बैठक ली। बैठक में नगर निगम, श्रम विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने आयोग के समक्ष शिकायत रखते हुए बताया कि नगर निगम के ठेकेदार उन्हें न्यूनतम वेतन से भी कम भुगतान कर रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

'मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा'

प्रियंक कानूनगो ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम और श्रम विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनुसूचित जाति के मजदूरों का शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में रेलवे से जुड़े एक ठेका कर्मचारी ने भी शिकायत दर्ज कराई कि उसे तय 15 हजार रुपये वेतन के स्थान पर केवल साढ़े आठ हजार रुपये दिए जा रहे थे। इस पर आयोग ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ जांच करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए।

परियत नदी और डेयररी क्षेत्र का किया निरीक्षण

बैठक के बाद प्रियंक कानूनगो ने परियट नदी और उससे लगे डेयरी क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई बार सूचना देने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जो गंभीर और खतरनाक लापरवाही को दर्शाता है। कानूनगो ने कहा कि परियट डेयरी इंडस्ट्री को लेकर बोर्ड की असंवेदनशीलता साफ दिखाई देती है।

परियत डेयरी इंडस्ट्री से मिलता है 16 हजार मजदूरों को रोजगार

प्रियंक कानूनगो ने बताया कि परियट डेयरी इंडस्ट्री से लगभग 16 हजार मजदूरों को रोजगार मिलता है और यहां प्रतिदिन 600 से 700 टन गोबर निकलता है। उनका कहना था कि बिना किसी भारी केमिकल प्रक्रिया के इसका उचित निष्पादन किया जा सकता है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस दिशा में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की लापरवाही लोगों की आजीविका के साथ खिलवाड़ करने जैसी है।

सतीश सनपाल पर बनी बेव सीरीज को लेकर जताई आपत्ति

इस दौरान प्रियंक कानूनगो ने भगोड़े क्रिकेट सटोरिये सतीश सनपाल पर आधारित नेटफ्लिक्स पर रिलीज वेब सीरीज को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अपराधियों के महिमामंडन से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इससे गलत संदेश जाता है। आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए नेटफ्लिक्स को नोटिस जारी करने की बात कही है।