30 हजार में भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात! जबलपुर में ASP की रेड के बाद सील हुआ सोनोग्राफी सेंटर; आरोपी गिरफ्तार

Sonography Center Sealed Jabalpur: जबलपुर में अवैध लिंग परीक्षण और गर्भपात के बड़े रैकेट का पर्दाफाश! ASP अनु बेनीवाल की रेड में फंसे दो नामी डॉक्टर गिरफ्तार, 30 हजार में होता था काला खेल।
A sonography center in Jabalpur was sealed following an ASP-led raid after authorities uncovered an alleged illegal fetal sex determination and abortion racket operating in violation of the PCPNDT Act
जबलपुर अवैध लिंग परीक्षण रैकेट का पर्दाफाश (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Illegal Fetal Sex Determination Racket Jabalpur: संस्कारधानी जबलपुर में अवैध लिंग परीक्षण और गर्भपात के बड़े नेटवर्क का पुलिस और प्रशासन ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में ओमती पुलिस ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे रैकेट में शामिल स्टाफ नर्स की तलाश लगातार जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल और डॉ. सतीश अग्रवाल शामिल हैं। वहीं स्टाफ नर्स अनिता उर्फ डॉली जायसवाल की तलाश में पुलिस कई स्थानों पर लगातार दबिश दे रही है।

एएसपी ने मारी थी रेड

सोमवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सिविक सेंटर स्थित आर.के. सोनोग्राफी एंड एक्स- रे सेंटर पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान टीम ने सेंटर से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सोनोग्राफी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को लिंग परीक्षण किए जाने के पुख्ता सबूत मिले।

30 हजार में होती थी जांच और गर्भपात

जांच में सामने आया कि मालवीय चौक स्थित आर.के. सोनोग्राफी सेंटर में 20 से 30 हजार रुपये लेकर भ्रूण का लिंग बताया जाता था और इसके बाद अवैध गर्भपात भी कराया जाता था। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों ने इस पूरे नेटवर्क की पुष्टि की।

डॉक्टर और नर्स मिलकर चलाते थे गोरखधंधा

पुलिस के अनुसार, इस सोनोग्राफी सेंटर का संचालन डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल और नर्स अनिता करते थे। छापे के तुरंत बाद प्रशासन ने सेंटर को सील कर दिया था। इसके अलावा अधारताल क्षेत्र में संचालित आरोपी डॉक्टर के एक अन्य सेंटर पर भी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया गया।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद मिल गई जमानत

फिलहाल दोनों गिरफ्तार डॉक्टरों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत भी मिल गई, हालांकि पुलिस की पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े थे, कितने समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था और अब तक कितने मामलों में नियमों का उल्लंघन किया गया।

गर्भपात करवाने वालों का नहीं मिला रिकॉर्ड

इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

हालांकि गर्भपात करवाने वालों का डाटा नहीं मिल पाया है क्योंकि डॉक्टर और स्टाफ अवैध गर्भपात करवाने वालों की एंट्री नहीं करते थे हालांकि अन्य साक्ष्यों की मदद से यह पूरी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

https://youtu.be/LYGnm_9AfmU?si=jDaeePXKUNoUkF4D

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