

CM visit Bargi Dam: बरगी डैम हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने क्रूज हादसे में अपनों को खोने वाले परिजनों से मुलाकात की। हादसे में मां-बाप को खोने वाले बेटे-बेटियों की आंसू देखर मुख्यमंत्री भी भावुक हो गए। सीएम ने बच्चों को गले लगाया और सांत्वना दी। इसके अलावा सीएम ने बरगी डैम पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का भी जायजा लिया।
सीएम ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। कोई भी परिवार खुद को अकेला न समझे। इस हादसे के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। उच्च स्तरीय समिति इसकी जांच करेगी। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एसओपी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा के स्थान पर दुखद हादसा हुआ है। इस हादसे में 9 लोगों के शव मिले हैं। 28 लोगों को बचाया जा चुका है। इस घटना से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। घटना वाले स्थल के पास ही जल जीवन मिशन का काम चल रहा था। इसलिए इस काम में लगी हुई टीम भी लोगों की मदद करने पहुंची। प्रशासन को सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ टीमों के साथ-साथ लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को घटना स्थल पर भेजा था।
हादसे को लेकर सीएम ने कहा कि आर्मी के भी कुशल गोताखोरों ने भी राहत-बचाव का काम किया। इस दुर्घटना में आसपास के जिन लोगों ने दूसरों की जान बचाई उन्हें मैं 51-51 हजार रुपए देने की घोषणा करता हूं। हमारी सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2-2 लाख आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बरगी बांध भी पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की। साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा भी लिया। सीएम ने बचाव कार्य को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही सीएम ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए बनेगी एसओपी तैयार की जाएगी। हादसे के बाद कुछ लोग लापता हैं, जिन्हें तलाशने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
गुरुवार शाम को पर्यटक बरगी डैम में क्रूज सफारी का मजा ले रहे थे। इसी दौरान तेज तूफान के चलते बोट का संतुलन बिगड़ गया और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। डबल डेकर क्रूज में मौजूद लोग पानी में छलांग लगाने लगे। निचले डेक में तेजी से पानी भरा, जिसके चलते लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे क्रूज के साथ ही नर्मदा में समा गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं।