जबलपुर क्रूज हादसे में बड़ा खुलासा, 2 महीने पहले ही दी गई थी चेतावनी, मैनेजर के पत्र ने खोली सिस्टम की पोल

Bargi Cruise Hadsa: जबलपुर क्रूज हादसे में नया मोड़ आया है, दरअसल, बरगी बोट क्लब मैनेजर का पत्र सामने आया है, जिसमें इंजन खराब होने की चेतावनी दी गई थी।
Jabalpur Cruise Accident Disclosure Bargi Dam Negligence News Update
बोट क्लब मैनेजर का पत्र (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Jabalpur Bargi Cruise Accident Update: जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। दरअसल, कुछ दिनों पहले क्रूज पायलट का एक बयान सामने आया था जिसके आधार पर यह जानकारी सामने आई थी कि जिस पर्यटन विभाग के क्रूज के डूबने से 13 लोगों की मौत हुई, उसके इंजन में पहले से तकनीकी खराबी थी।

अब बरगी बोट क्लब के मैनेजर सुनील मरावी का एक पत्र भी सामने आया है, जो हादसे से करीब दो महीने पहले लिखा गया था। इस पत्र में उन्होंने कई बार क्रूज के इंजन में खराबी होने की बात उल्लेखित की थी।

मैनेजर ने पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजा था पत्र

बरगी बोट क्लब के मैनेजर ने यह पत्र पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजा था, जिससे अब यह स्पष्ट होता नजर आ रहा है कि जर्जर हो चुके क्रूज के संचालन ने 4 बच्चों समेत 13 पर्यटकों की जान ले ली। पत्र में उल्लेख किया गया है कि क्रूज करीब 20 साल पुराना हो चुका था और मरम्मत के बावजूद उसमें बार-बार तकनीकी खराबियां आ रही थीं।

मैनेजर द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक को लिखा गया पत्र
मैनेजर द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक को लिखा गया पत्र

14 जनवरी 2025 को बीच पानी में फंसा था क्रूज

पत्र के अनुसार, 14 जनवरी 2025 को भी पर्यटकों से भरे क्रूज का इंजन बीच पानी में सीज हो गया था, जिसके बाद मोटर बोट की मदद से उसे मुश्किल से किनारे तक लाया गया। इसमें हैदराबाद की उस बोट बिल्डर कंपनी के साथ हुए पत्राचार का भी जिक्र है, जिससे यह क्रूज वर्ष 2006 में खरीदा गया था। मैनेजर ने बताया कि कंपनी ने भी इंजन को आउटडेटेड और खराब बताते हुए उसे बदलने की सलाह दी थी।

पिछली साल भी 3 बार लिखा गया था पत्र

बोट क्लब मैनेजर ने हादसे (Jabalpur Cruise Accident) से पहले कई बार पत्र लिखा, उन्होंने अपने पत्र में साल 2025 के दौरान अप्रैल, अगस्त और नवंबर में भेजे गए उन पत्रों का भी उल्लेख किया है, जिनमें क्रूज के खराब इंजन को लेकर लगातार चिंता जताई गई थी। पत्र में उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा था कि खराब मौसम, तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच इस जर्जर क्रूज का संचालन कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो इंजन बदलवाने की पहल की और न ही क्रूज का संचालन बंद कराया। आखिरकार 30 अप्रैल की शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान यही क्रूज बरगी बांध में डूब गया, जिसमें 13 पर्यटकों की जान चली गई।

Navbharat Live
navbharatlive.com