

Umang Singhar Question On Indore Water: देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले इंदौर के सामने अब एक नया और गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए शहर की पेयजल व्यवस्था और भाजपा सरकार के 'विकास मॉडल' पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अनुसार, इंदौर के भूजल में सीवरेज का पानी मिल रहा है, जो लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट ने इंदौर के कई इलाकों में भूजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार हैं:
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने के बजाय शहर के 'स्वच्छ शहर' के प्रचार में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने नगर निगम और जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना इन विभागों की जिम्मेदारी थी, लेकिन इनकी लापरवाही के कारण जनता का स्वास्थ्य दांव पर है।
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए निम्नलिखित कदम उठाने को कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए इसके अलावा प्रभावित इलाकों (जैसे भागीरथपुरा) में लोगों को सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए तत्काल वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं।
गौरतलब है कि, यह कोई पहला मौका नहीं है जब इंदौर में पानी की गुणवत्ता का मुद्दा उठा है। कुछ समय पहले भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण बड़े पैमाने पर बीमारी फैली थी। उस घटना ने न केवल शहर की छवि को नुकसान पहुँचाया था, बल्कि प्रशासन की तैयारियों की पोल भी खोल दी थी। अब नई रिपोर्ट के बाद एक बार फिर वही डर लोगों के बीच व्याप्त हो गया है।