इंदौर के डेली कॉलेज में ‘चरैवेति एकत्रीकरण’, मालवा प्रांत के पांच जिलों के स्वयंसेवक हुए शामिल

Charaiveti Ekatreekaran RSS: इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों का समापन हुआ, इस दौरान स्वयंसेवको ने एक साथ व्यायाम का अभ्यास किया।
RSS Sah-Sarkaryavah Atul Limaye addresses volunteers at the Charaiwati Ekatrikaran event.
इंदौर में आयोजित संघ का एत्रिकरण कार्यक्रम(फोटो सोर्स - नवभारत लाइव)
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HIGHLIGHTS:

  • इंदौर के डेली कॉलेज में RSS के शताब्दी वर्ष का समापन कार्यक्रम ‘चरैवेति एकत्रीकरण’ आयोजित।

  • सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि समाज में बदलाव के लिए सबकी भागीदारी जरूरी।

  • संघ की 100 साल की यात्रा को स्वयंसेवकों के परिश्रम की विजय यात्रा बताया।

  • पंच परिवर्तन के जरिए सामाजिक समानता और व्यवहार में बदलाव पर जोर।

  • IIT-IIM से लेकर गांवों तक संघ की शाखाएं संचालित होने की बात कही।

Charaiveti Ekatreekaran Held At Daily College Indore: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर बुधवार को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में ‘चरैवेति एकत्रीकरण’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन और समाज में परिवर्तन का काम कठिन जरूर है, लेकिन इसे दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से सफल बनाना होगा।

उन्होंने समाज की चुनौतियों के समाधान के लिए सामाजिक संगठनों और सज्जन शक्ति को साथ लेकर चलने पर जोर दिया।

जगन्नाथ का रथ तभी आगे बढ़ेगा, जब सबका हाथ लगेगा’

अतुल लिमये ने कहा कि समाज में व्यापक परिवर्तन के लिए केवल संगठन का प्रयास पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए समाज में काम करने वाली संस्थाओं के बीच संवाद और समन्वय विकसित करना होगा। उनका संदेश था कि समाज को साथ लेकर चलने की कार्यशैली विकसित होनी चाहिए और संगठनात्मक दायरे तक सीमित रहने के बजाय व्यापक सामाजिक सहभागिता पर ध्यान देना चाहिए।

100 साल की यात्रा को बताया स्वयंसेवकों के परिश्रम की विजय यात्रा

संघ के सौ साल के सफर का उल्लेख करते हुए लिमये ने कहा कि इस दौरान व्यक्ति निर्माण की शाखा पद्धति विकसित हुई और देश-समाज के लिए काम करने वाले स्वयंसेवकों की लंबी श्रृंखला तैयार हुई। उन्होंने सेवा, प्रचार, संपर्क और समाज जागरण से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के विस्तार के बाद संतुष्टि का भाव नहीं आना चाहिए। स्वयंसेवकों को लगातार सक्रिय रहते हुए समाज के सभी वर्गों तक पहुंच बनाने और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने का प्रयास करना होगा।

पंच परिवर्तन के जरिए समाज के आचरण में बदलाव पर जोर

अतुल लिमये ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए संघ के स्वयंसेवक पंच परिवर्तन का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विचार के साथ व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता बताई और कहा कि समाज में किसी भी वर्ग के साथ विषमता का व्यवहार नहीं होना चाहिए।उन्होंने सामाजिक जीवन में आस्था, आत्मीयता और राष्ट्रीय विचारों को मजबूत करने के लिए जागरण से जुड़ी गतिविधियों और संवाद की व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, केवल विचारों का प्रसार पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारना भी जरूरी है।

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ध्वजारोहण, संघ प्रार्थना और सामूहिक योग से हुआ आयोजन का आगाज

‘चरैवेति एकत्रीकरण’ की शुरुआत ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना से हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने सामूहिक योग प्रदर्शन किया। इंदौर विभाग के कार्यवाह रित्नेश रघुवंशी ने शताब्दी वर्ष के दौरान विभाग में आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

IIT-IIM से गांवों तक शाखाएं, संघ चालक ने बताई कार्यपद्धति

मालवा प्रांत के संघ चालक प्रकाश शास्त्री ने शाखा की संरचना और उसमें भागीदारी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संघ से जुड़ने के लिए शिक्षा, आर्थिक स्थिति या सामाजिक पृष्ठभूमि की कोई बाध्यता नहीं है। उनके मुताबिक, IIT और IIM जैसे संस्थानों से लेकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक शाखाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने संगठन में पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्वयंसेवक तैयार करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।

10 लाख से अधिक संस्थाओं के साथ संवाद और समन्वय की बात

लिमये ने सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में काम करने वाली संस्थाओं के साथ संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान करने के लिए शासन और समाज, दोनों को मिलकर प्रयास करना होगा।

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