

MPCA Big Initiative: मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) अब क्रिकेट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने जा रहा है। एमपीसीए के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया ने इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में घोषणा की कि क्रिकेट प्रबंधन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को अपनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) में पहली बार एआई का सफल उपयोग किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए भविष्य में एमपीसीए के नियमित कामकाज में भी इसे लागू किया जाएगा।
महाआर्यमन सिंधिया ने बताया कि एआई आधारित सॉफ्टवेयर खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विस्तृत और वैज्ञानिक विश्लेषण करेगा। इससे खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता, प्रदर्शन और निरंतरता का निष्पक्ष मूल्यांकन संभव होगा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के जरिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पहले से अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी, जिससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। इससे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
एमपीसीए अध्यक्ष ने बताया कि एआई तकनीक का उपयोग केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी, निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और संचालन लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने जानकारी दी कि यह एआई सॉफ्टवेयर इमर्जेंट कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस तकनीक को तैयार कराने में एमपीसीए को कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं उठाना पड़ेगा।
महाआर्यमन सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग राज्य के युवा क्रिकेटरों के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि अब तक एमपीएल से लगभग 20 नई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। उन्हें उम्मीद है कि इनमें से कम से कम पांच खिलाड़ी आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलते हुए दिखाई देंगे।
एमपीसीए का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में क्रिकेट प्रबंधन और खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। आधुनिक तकनीक के उपयोग से न केवल चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि खिलाड़ियों को अपनी कमियों को समझने और प्रदर्शन में सुधार करने का भी बेहतर अवसर मिलेगा। एमपीसीए की यह पहल मध्य प्रदेश क्रिकेट को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।