

Kailash Vijayvargiya Indore Neglect Letter : इंदौर के विकास और कथित उपेक्षा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे गए पत्र के मुद्दे पर नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। विजयवर्गीय ने कहा कि उन्हें इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी यह खबर केवल अखबारों में पढ़ी है और इस बारे में वही लोग बेहतर बता सकते हैं, जिन्होंने खबर प्रकाशित की है।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पत्र को लेकर उनसे सवाल किया गया, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मीडिया में जो खबरें आई हैं, उसी आधार पर लोग चर्चा कर रहे हैं।
कथित पत्र के सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मीडिया कॉर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रभारी जिले इंदौर के विकास को लेकर उनकी ही सरकार के वरिष्ठ मंत्री को पत्र लिखने की जरूरत पड़ रही है, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में आपसी समन्वय की कमी और अंदरूनी खींचतान के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इंदौर जैसे बड़े शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर स्थिति क्या है।
वहीं इस पूरे मामले पर इंदौर शहर के लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोगों का कहना है कि शहर का विकास जिस गति से होना चाहिए, उस गति से नहीं हो पा रहा है। लोगों ने कहा कि विकास कार्यों में अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है और कई बार प्रशासनिक स्तर पर देरी के कारण योजनाएं प्रभावित होती हैं। कुछ लोगों ने कैलाश विजयवर्गीय द्वारा कथित रूप से उठाए गए मुद्दों को सही बताते हुए कहा कि इंदौर के विकास, ट्रैफिक, आधारभूत सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
फिलहाल इंदौर की उपेक्षा को लेकर सामने आए कथित पत्र और उस पर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी ने प्रदेश की सियासत को गर्म कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से उठा रहे हैं।