Highlights :
इंदौर में पानी बर्बाद करने पर पहली बार 2 हजार, दूसरी बार 5 हजार और बार बार गलती पर 10 हजार रुपये जुर्माना।
नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाने पर पहली बार 5 हजार और दूसरी बार 10 हजार रुपये की पेनल्टी।
गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए 300 नए नलकूप खोदे जाएंगे।
Indore Water Wastage Fine : इंदौर में पानी की किल्लत और आगामी गर्मी में संभावित जल संकट को देखते हुए नगर निगम ने जल संरक्षण को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब घरों में पानी की बर्बादी करने और नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाकर सीधे पाइपलाइन से पानी खींचने वालों पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में नई जल नीति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसके साथ ही गर्मी में पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए 300 नए नलकूप और 33 नए ट्रक टैंकर खरीदने का निर्णय लिया गया है।
नगर निगम की नई जल नीति के तहत पानी का अनावश्यक इस्तेमाल करने और बर्बादी करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहली बार नियम तोड़ने पर 2 हजार रुपये, दूसरी बार नियम तोड़ने पर पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये और तीसरी बार में या बार बार उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये की पेनल्टी लगेगी। निगम का उद्देश्य लोगों को पानी की अहमियत समझाने के साथ अनावश्यक खपत पर रोक लगाना है।
नई नीति में नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाकर सीधे पाइपलाइन से पानी खींचने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये और दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। निगम का मानना है कि मोटर के जरिए पानी खींचने से दूसरे क्षेत्रों और उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इस बार अल्प वर्षा को देखते हुए नगर निगम ने आगामी गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। मेयर इन काउंसिल ने शहर में 300 नए नलकूपों के खनन को मंजूरी दी है। इसके अलावा 100 नलकूपों पर मोटर पंप लगाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार अधिक हेड वाले मोटर पंप भी स्थापित किए जाएंगे ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
पेयजल वितरण के लिए 33 नए ट्रक टैंकर खरीदने का भी निर्णय लिया गया है। इनमें 300 लीटर क्षमता वाले 11 ईवी ट्रक टैंकर और 8 हजार लीटर क्षमता वाले 22 सीएनजी ट्रक टैंकर शामिल हैं।
शहर में जल वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम 12 नवंबर से 21 दिवसीय विशेष अभियान शुरू करेगा। इसके तहत अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने का अवसर दिया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सभी जल कनेक्शनों को निगम के रिकॉर्ड में शामिल करना और पानी के वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।
जल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए नगर निगम पानी की टंकियों और हाइड्रेंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। इससे पानी के वितरण और आपूर्ति से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। निगम अब केवल पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि वितरण में होने वाली अनियमितताओं और पानी की बर्बादी रोकने पर भी ध्यान दे रहा है।
मेयर इन काउंसिल की बैठक में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2600 से अधिक सफाई संरक्षकों के पदों पर संविदा नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में नगर निगम के 1650 से अधिक कर्मचारियों को विनियमित करने का निर्णय लिया गया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्देश दिए कि वरिष्ठता और वरीयता के आधार पर शेष पात्र मस्टर कर्मचारियों को भी विनियमित किया जाए ताकि कोई भी वरिष्ठ कर्मचारी इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। नगर निगम के इन फैसलों का मकसद आगामी गर्मी में जल संकट से निपटने के साथ शहर की पेयजल और सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है।