

Indore Congress Protests With Pushyamitra Bhargava Posters: इंदौर में सफाई व्यवस्था और सफाई मित्रों की लंबित मांगों को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं गिरीश जोशी, विवेक खंडेलवाल और विभाष शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान शहर में जमा कचरे के ढेर के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगाए गए।
प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टर पर लिखा था- महापौर एक काम करो, कचरे के ढेर में डूब मरो। इसके साथ ही पोस्टर पर सफाई मित्रों की मांगें पूरी करो, इंदौर को कचरा मुक्त करो का संदेश भी लिखा गया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक ओर इंदौर को स्वच्छता के लिए देशभर में मॉडल के तौर पर पेश किया जाता है, वहीं दूसरी ओर शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने सफाई मित्रों की समस्याओं के समाधान के साथ शहर की सफाई व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों की कई लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। इनमें लंबे समय से कार्यरत सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और करीब 5 हजार नए स्थायी सफाई कर्मचारियों की भर्ती की मांग शामिल है। कांग्रेस ने एनजीओ और ठेका प्रथा खत्म कर सफाई कर्मचारियों को स्थायी रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा मेडिकल आधार पर पात्र परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने और ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई।
विनियमित कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से स्थायी मानने, दीपावली पर अतिरिक्त वेतन देने और लंबित वेतन-भत्तों एवं सेवा लाभों का निराकरण करने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई गई। सफाई कर्मचारियों की ओर से अवकाश नगदीकरण और अन्य लंबित सेवा संबंधी मामलों का भी जल्द समाधान किए जाने की मांग की जा रही है।
कचरे के ढेर के बीच लगाए गए महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर इस प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सफाई मित्र शहर को साफ रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उनकी लंबित मांगों का अब तक पूरी तरह समाधान नहीं हुआ है। कांग्रेस पार्टी ने नगर निगम से सफाई मित्रों की मांगों पर तत्काल निर्णय लेने और शहर में जगह-जगह जमा कचरे को उठाकर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर अक्टूबर 2026 में नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन और काम बंद करने की चेतावनी का मुद्दा भी सामने आया था। नियमितीकरण, वेतन-भत्ते, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य सेवा संबंधी मांगें कर्मचारियों के आंदोलन के केंद्र में रही हैं।कांग्रेस ने अब इन मांगों को लेकर नगर निगम पर दबाव बढ़ाते हुए प्रदर्शन किया है। वहीं, निगम की ओर से पहले सफाई कर्मचारियों की मांगों से जुड़े मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।